देश में बारिश-बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर और गांवों में एक जैसे हालात हो गए हैं। लोगों की जिंदगी बेपटरी हो गई है। स्कूल-कॉलेज बंद होने से बच्चों की पढ़ाई भी चौपट हो रही है। वहीं किसानों का तो हाल बेहाल है। सभी फसलें बर्बाद हो गई हैं। इधर, पंजाब के सभी 23 जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं।
नईगढ़ी क्षेत्र में आवारा मवेशियों ने किसानों की नींद उड़ा दी है। खेतों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और लगभग 40% किसान खेती से मुंह मोड़ रहे हैं। सरकार की गौशाला योजना अधर में लटकी है।
भारत इन दिनों बाढ़ का बड़ा केंद्र बना है। देश का 10 फीसदी हिस्सा बाढ़ की चपेट में है। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पंजाब में लोग सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं। वहीं बारिश पूर्व किए गए तमाम दावे खोंखले साबित हो रहे हैं। जलभराव के आगे सब बेबस हो गए हैं। पुलिस, प्रशासन और सेना राहत कार्य में जुटी है।
देशभर में बाढ़-बारिश का कहर जारी है। पानी से लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है। लोग घर छोड़कर पलायन शुरू कर दिए हैं। बारिश से सबसे ज्यादा पंजाब-हरियाणा और दिल्ली में हालात बिगड़ गए हैं। पंजाब के सभी 23 जिलों में बाढ़ आ गई है। 1,655 गांवों में 3.55 लाख लोग प्रभावित हैं। राज्य में सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी की छुट्टियां 7 सितंबर तक बढ़ा दी गई हैं।
देशभर में बारिश-बाढ़ का कहर जारी है। कई राज्यों में गांव के गांव डूब गए हैं। चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। प्रभावित लोग पलायन को मजबूर हो गए हैं। सब छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर भागना शुरू कर दिया है। वहीं सेना और राज्य सरकारें राहत और बचाव कार्य में दिन रात जुटी हैं।

















