रीवा में सरकारी कार्यालयों में लेटलतीफी का मामला सामने आया है। तहसील और कलेक्ट्रेट में सुबह 10:45 बजे तक कई अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। फरियादी इंतजार करते रहे जबकि कई कमरों में ताले लटके रहे।
रीवा कलेक्ट्रेट में ओबीसी महासभा का उग्र प्रदर्शन, कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधने की घटना, प्रशासन और पुलिस पर गंभीर सवाल।
रीवा कलेक्ट्रेट की 3000 स्क्वेयर फीट ज़मीन इंडियन काफी हाउस को मात्र ₹500 के स्टांप पर लीज पर दे दी गई, वो भी बिना खसरा नंबर दर्ज किए। अनुबंध में नियमों की भारी अनदेखी की गई है। प्रशासनिक अफसरों की हड़बड़ी और मनमानी ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रीवा, सतना और मऊगंज में आयोजित जनसुनवाई में नागरिकों ने सड़क, नाली, पेयजल, सीमांकन व राहत राशि जैसी समस्याएं उठाईं, अधिकारियों ने दिए कार्यवाही के निर्देश।
















