डोनाल्ड ट्रम्प ने टैरिफ केस हारने के बाद अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट को 'विदेशी एजेंट' करार दिया। भारतीय मूल के वकील नील कात्याल पर 'स्लाइमबॉल्स' जैसी टिप्पणी की और नए 10% टैरिफ का ऐलान किया।
शिवपुरी के करेरा में वकील संजय कुमार सक्सेना की हत्या के बाद भोपाल के अधिवक्ताओं ने हड़ताल कर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की। जानें क्या है पूरा मामला।
हमें बताएं कि आप हॉस्पिटल के गलियारों में कितने कुत्ते घूमते हुए देखना चाहते हैं। वकील सीयू सिंह ने कहा- भारी संख्या में आवारा कुत्तों को एक ही शेल्टर में रखने से कई बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में कुत्तों के लिए 91,800 नए शेल्टर बनाए जाने चाहिए।
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का पोस्टर जलाने के विवाद में गिरफ्तार वकीली अनिल मिश्रा को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने एक लाख रुपए के निजी मुचलके और एक लाख रुपए की जमानत राशि पर उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।
सीजेआई गवई का आज सुप्रीम कोर्ट में आखिरी कार्य दिवस है। वे 23 नवंबर (रविवार) को रिटायर हो जाएंगे हैं। जस्टिस सूर्यकांत देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। वे 24 नवंबर को पदभार संभालेंगे। जस्टिस कांत 53वें सीजेआई के तौर पर 14 महीने का कार्यकाल पूरा करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई पर जूता फेंकने की घटना को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा कि ये घटना सिर्फ सुप्रीम कोर्ट या वकीलों के समुदाय को नहीं, बल्कि पूरे समाज को आहत करती है।
सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई बीआर गवई ने आज एक अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा-जजों के किसी पार्टी के फेवर में आर्डर पास न करने की स्थिति में उसके खिलाफ गलत आरोप लगाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। 23 नवंबर को रिटायर होने वाले सीजेआई गवई आज एन पेड्डी राजू केस में कोर्ट की अवमानना पर सुनवाई कर रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य नयायाधीश बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश के मामले पर अदालत ने उस वकील के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई से इंकार कर दिया है। इससे पहले सीजेआई ने खुद उसके खिलाफ कार्रवाई करने से मना कर दिया था।
सीजेआई पर जूता फेंकने की कोशिश का मामला लगातार चर्चा में है। सत्तापक्ष से लेकर विपक्ष तक ने इस हमले की निंदा की है। वहीं, घटना के बाद उनके परिवार ने दु:ख जताया है। उनकी बहन कीर्ति गवई और मां कमल गवई ने इसे संविधान पर हमला बताया है।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई पर जूता उछालने वाले आरोपी वकील राकेश किशोर ने कहा है कि वह सीजेआई की टिप्पणी से आहत हैं और उन्हें अपने किए पर कोई अफसोस या पछतावा नहीं है। वकील ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब भी सनातन धर्म से जुड़े केस आते हैं तो सुप्रीम कोर्ट ऐसे ही आदेश देता है।






















