रीवा वन विभाग में ठेकेदार से 10% कमीशन मांगने और पूरी रकम न देने पर बिना नोटिस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का मामला सामने आया है। ठेकेदार के अनुसार विभाग ने बैक डेट में आदेश जारी कर अमानत राशि भी राजसात कर दी, जबकि सप्लाई जारी थी और भुगतान भी हो रहा था। RTI और शिकायतों के बाद ही नोटिस भेजा गया, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सतना वन विभाग की रेस्क्यू सम्मान सूची में उस व्यक्ति को चुना गया है जिसे शायद ही किसी ने रेस्क्यू करते देखा हो, जबकि असली रेस्क्यू टीम के नाम नदारद हैं। क्या यह सिफारिश और रसूख का खेल है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।














