भोपाल में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में सीएम डॉ. मोहन यादव ने 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की घोषणा की। जानें एमपी शिक्षा नीति और शिक्षकों के लिए लिए गए बड़े फैसले।
भोपाल में 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: क्रियान्वयन, चुनौतियां एवं संभावनाएं' कार्यशाला आयोजित। राज्यपाल, CM डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEP को भारतीयता स्थापित करने वाला दूरदर्शी कदम बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा चिंतन शिविर को संबोधित किया। उन्होंने गायत्री परिवार की समाज-संस्कृति उत्थान में भूमिका की सराहना करते हुए 'आत्म निर्माण-राष्ट्र निर्माण' के लिए युवाओं को प्रेरित किया।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने 'हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह' में कहा कि भाषा संस्कृति है और हिंदी व्यक्ति को सरल बनाती है। उन्होंने सम्मानितों से हिंदी प्रसार की भ्रामक चिंताओं को दूर करने का आह्वान किया। जानें पीएम मोदी के प्रयासों पर उनका बयान।
भोपाल में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को उपाधियां और स्वर्ण पदक प्रदान किए। जानें कैसे माता-पिता और गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 'विकसित भारत' की नींव रखेगी।
प्रो. रवीन्द्रनाथ तिवारी अपने लेख में कहते हैं कि भारत की 79 वर्षों की स्वाधीनता यात्रा अब वास्तविक स्वतंत्रता की ओर अग्रसर है। वे बताते हैं कि राजनीतिक आज़ादी पर्याप्त नहीं, बल्कि शिक्षा, न्याय, अर्थव्यवस्था और संस्कृति में ‘स्व’ के तंत्र की स्थापना ही असली राष्ट्रनिर्माण है। अमृतकाल का संकल्प भारत को विश्वगुरु पद पर प्रतिष्ठित करने का है।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' को आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई बताया और युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और खेल के अवसरों पर जोर दिया।
CBSE 2026-27 से 11वीं-12वीं में STEM विषयों को दो स्तरों (बेसिक-एडवांस) पर लागू करेगा। यह बदलाव छात्रों की रुचि और करियर के हिसाब से शिक्षा को लचीला बनाएगा, NEP 2020 के अनुरूप।
छात्रों की पढ़ाई पर संकट! सतना समेत कई जिलों में एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध नहीं हैं। नई शिक्षा नीति के अनुरूप किताबें अब तक बाजार में नहीं आईं, जिससे कक्षा 5वीं और 8वीं के विद्यार्थी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जानिए कारण और इसके दुष्परिणाम।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब वर्ष 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी।





















