सतना जिले के उचेहरा ब्लॉक के पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भटनवारा में प्राचार्य और शिक्षकों की सोते हुए तस्वीरें वायरल होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। यह कोई पहला मामला नहीं है — पिछले महीनों में कई शिक्षकों के नींद में डूबे वीडियो सामने आ चुके हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी कंचन श्रीवास्तव ने जांच के आदेश देने की बात कही है। अब देखना यह है कि क्या विभाग नींद से जागेगा या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में जाएगा।
सतना-मैहर जिले में सरकार की महत्वाकांक्षी सांदीपनि (सीएम राइज) स्कूल परियोजना 4 साल बाद भी अधूरी है। नए भवनों का वादा पूरा नहीं हो सका, बस सुविधा सीमित है और छात्र अब भी पुराने जर्जर भवनों में पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग की सुस्ती से पालक और छात्र निराश हैं।
सतना जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को तीन माह बाद भी गणवेश की राशि नहीं मिली। शिक्षा विभाग की देरी से गरीब बच्चे फटे पुराने कपड़ों में स्कूल जाने को मजबूर हैं। 300 रुपये में एक जोड़ी ड्रेस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सोहावल बीईओ कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 विनय प्रजापति अब भी नौकरी कर रहे हैं, जबकि 2013 की सीपीसीटी परीक्षा में एसटीएफ ने उन्हें संदिग्ध पाया था। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद विभागीय कार्यवाही न होने से सवाल खड़े हो रहे हैं।
मऊगंज के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरदमन में जुलाई माह समाप्त होने के बाद भी कक्षा 6, 7 और 8 के बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिल पाई हैं। शिक्षक मोबाइल में व्यस्त और क्लास खाली मिली। शिक्षा विभाग की लापरवाही से बच्चों की पढ़ाई ठप पड़ी है।
सतना जिले के उचेहरा स्थित सीएम राइज विद्यालय में छात्रों को दी जाने वाली मुफ्त पाठ्यपुस्तकें कबाड़ी को बेच दी गईं। ग्रामीणों ने किताबें लोड होते पकड़ा। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, प्राचार्य ने पल्ला झाड़ा। जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच का भरोसा दिलाया।


















