रीवा-मऊगंज में सड़क निर्माण घोटाले का खुलासा, Economic Offences Wing ने 44 अधिकारी-ठेकेदारों पर केस दर्ज किया, फर्जी इनवाइस से 18.50 करोड़ का भुगतान लेने का आरोप, जांच जारी
पन्ना में बिना अनुमति मिट्टी मुरुम उत्खनन कर सतना सड़क निर्माण का मामला उजागर, खनिज विभाग ने लीज से इनकार किया, प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग तेज हुई
रीवा कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में युवक ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन कर सड़क निर्माण की मांग उठाई। दो साल से अधूरी सड़क, मुआवजा और पुल न बनने से गांव के लोग परेशान हैं।
मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़कों पर अब सार्वजनिक परिवहन चलेगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली 10 IAS अधिकारियों की टीम करेगी मॉनिटरिंग।
इंदौर की प्रमुख निर्माण कंपनी बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर के ठिकानों पर इनकम टैक्स विभाग ने सर्वे शुरू किया है। टैक्स चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के संदेह में डिजिटल डेटा और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
अजयगढ़ में ऐतिहासिक अजयपाल किले तक पहुंच को आसान बनाने के लिए 6 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से नई सीसी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। पन्ना टाइगर रिजर्व और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने स्थल निरीक्षण किया। वन भूमि संबंधी अड़चनों के समाधान के बाद सड़क निर्माण शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है, जिससे पर्यटन को नई गति मिलेगी।
शहडोल शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में सीवरेज निर्माण एजेंसी की लापरवाही से सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। अधूरे कार्य और निर्माण रोकने की मनमानी से आम जनता और व्यापारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सतना वार्ड क्र. 1 में 38.95 लाख की घटिया पेवर्स रोड पकड़ी गई। मेयर योगेश ताम्रकार ने ठेकेदार को फटकार कर सड़क पुनर्निर्माण के निर्देश दिए।
रीवा जिले में एमपीआरडीसी ने गोविंदगढ़ से भरतपुर तक वन भूमि पर बिना अनुमति सड़क चौड़ीकरण कर डाला। वन विभाग ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच रिपोर्ट भोपाल भेजी है। अब यह मामला पर्यावरण मंत्रालय तक पहुंच गया है। एमपीआरडीसी पहले भी खराब सड़कों और अवैध टोल वसूली के कारण विवादों में रहा है।
सतना-मैहर फोरलेन और नागौद लिंक रोड निर्माण कार्य एसडीओ बृजेश सिंह की स्वेच्छाचारिता और लापरवाही से प्रभावित हो रहा है। करोड़ों की लागत से बनने वाली सड़क का काम धीमी गति से चल रहा है, जबकि विभागीय पत्राचार और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। रीवा मुख्य अभियंता कार्यालय की चुप्पी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।






















