रीवा कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में युवक ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन कर सड़क निर्माण की मांग उठाई। दो साल से अधूरी सड़क, मुआवजा और पुल न बनने से गांव के लोग परेशान हैं।
By: Yogesh Patel
Feb 25, 20264:46 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में एक युवक का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना रहा। युवक हाथ में नारियल लेकर दंडवत हालत में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश किया। वह जमीन पर लोटते हुए पहुंचा था। गांव की सड़क पिछले दो सालों से नहीं बनने के कारण वह परेशान था। शिकायत लेकर युवक कलेक्ट्रेट पहुंचा था।
आपको बता दें कि इस युवक का नाम धनेश सोनकर है। धनेश इसके पहले भी कलेक्ट्रेट में अलग अलग तरह से प्रदर्शन कर चुके हैं। पहले भी उनका प्रदर्शन चर्चाओं में रहा। इस बार भी वह कुछ अलग अंदाज में ही शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। दरअसल धनेश जवा तहसील के गाढ़ा 138 के रहने वाले हैं। वह मंगलवार को हाथ में नारियल लेकर दंडवत होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में गांव में सड़क का टेंडर हुआ था। 2 करोड़ 51 हजार का टेंडर हुआ था। कोई काम नहीं हुआ। सड़क पर पुल तक नहीं बना। उन्होंने बताया कि बिना सूचना के पीडब्लूडी ने घर तक गिरा दिया। कमिश्नर, कलेक्टर का आदेश बताकर घर गिरवा दिया गया। धनेश ने बताया कि किसानों को बांटने के लिए 50 लाख का मुआवजा आया था। उसका भी किसी किसान को वितरण नहीं किया गया। अब जून 2025 में पीडब्लूडी के कार्यपालन यंत्री ने टेंडर निरस्त कर दिया। ठेकेदार को टर्मिनेट कर दिया। ठेकेदार पर पेनाल्टी नहीं बनाई जा रही थी। पीडब्लूडी के अधिकारियों के कारण ही समय पर सड़क का निर्माण कार्य नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि गांव के कई किसानों की जमीन सड़क में फंसी किसी को भी मुआवजा नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि जब जब धरना देता हूं तब तब फाइल आगे बढ़ती है। अब जाकर रिटेंडर में फाइल पहुंची है। सड़क नहीं बनने के कारण पूरे गांव के लोगों पर संकट मंडरा रहा है। उनका कहना है कि गांव डूब क्षेत्र में आता है। ऐसे में सड़क और पुल नहीं बनने से गांव के लोगों पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने चेतावनी भी दी गई कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं हुआ तो वह कलेक्ट्रेट की छत से ही कूदकर जान दे देंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी।