खरीदारी के नाम पर ₹1 करोड़ की भारी-भरकम राशि ली थी। सिया ने इस रकम का शॉपिंग के लिए उपयोग नहीं किया, बल्कि पूरी रकम अपने प्रेमी चेतन चौधरी को सौंप दी थी।
पुणे के लोहागढ़ किले में 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या। मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड ने रची साजिश, 400 फीट गहरी खाई में धक्का देकर दिया वारदात को अंजाम।
NEET UG 2026 Re-Exam: 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NTA मुख्यालय का दौरा किया। वायुसेना के MI-17 हेलिकॉप्टर, जीपीएस और अर्धसैनिक बलों की निगरानी में होगी परीक्षा।
जबलपुर के आधारताल में पत्नी नेहा की हत्या के बाद फरार आरोपी पति मयंक सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मयंक का शव जीसीएफ के खाली क्वार्टर में मिला है। जानिए क्या था पूरा विवाद।
मध्य प्रदेश में मानसून की आमद अभी भले ही न हुई हो, लेकिन प्री मानसून में जमकर बारिश हो रही। झाबुआ में आज तेज बारिश हुई। धार, पीथमपुर और रतलाम में भी पानी गिरा। देवास में बारिश की वजह से एक कार रपटे में बह गई। राहत की बात यह है कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थिति ऐतिहासिक भोजशाला आज एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब सीएम डॉ. मोहन यादव दोपहर 1:30 बजे मंदिर पहुंचे और मां वाग्देवी (सरस्वती) के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। पद पर रहते हुए भोजशाला पहुंचने वाले डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं।
मध्यप्रदेश के धार की ऐतिहासिक भोजशाला में लंबे अंतराल के बाद आज यानी शुक्रवार को हिंदू समाज को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा-अर्चना का अधिकार मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला पहुंचे और मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की। सुबह 9 बजे महाआरती हुई, जबकि दोपहर 12 बजे से भोजशाला परिसर में बड़े आयोजन की तैयारी की गई है।
NEET-UG दोबारा परीक्षा से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाई-लेवल मीटिंग की। सोशल मीडिया कंपनियों और टेलीग्राम को गलत खबरें व अफवाह फैलाने वाले चैनलों को तुरंत ब्लॉक करने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थिति मां वाग्देवी मंदिर भोजशाला परिसर आज आस्था, उत्साह और सनातन चेतना के विराट संगम का साक्षी बना। पूरा परिसर जय मां वाग्देवी... जय श्रीराम... और वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे।






















