मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर से जुड़े केस में देर रात प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई। चर्चा के बाद मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला के पीछे निर्धारित स्थान पर नमाज अदा करने की सहमति जताई है।

बाउंड्रीवॉल के पीछे नमाज की जगह तय
मंदिर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात

धार।स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर से जुड़े केस में देर रात प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई। चर्चा के बाद मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला के पीछे निर्धारित स्थान पर नमाज अदा करने की सहमति जताई है। हालांकि अंतिम निर्णय से पहले मुस्लिम समाज सुबह प्रशासन से स्थल की स्थिति से अवगत होना चाहता था, लेकिन अब इसमें एक और विवाद जुड़ गया है। दरअसल, विक्रम नगर के रहवासियों ने प्रशासन के फैसले पर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि जिस जमीन पर नमाज की अनुमति दी गई है, उस पर उनका और अन्य परिवारों का वर्षों पुराना पुश्तैनी कब्जा है। वे लंबे समय से इस पर खेती करते आ रहे हैं। स्थानीय निवासी शुक्रवार सुबह से ही धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि वे इस स्थान पर नमाज नहीं होने देंगे। वहीं एक बार फिर उपजे तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
सुप्रीम व्यवस्था पर फंसा पेंच
भोजशाला विवाद में जुमे की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान तय हो गया है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भोजशाला परिसर की बाउंड्रीवॉल से सटी खसरा नंबर 611 और 612 स्थित भूमि पर नमाज पढ़ने की अनुमति दी है। इस पर प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच सहमति बन गई है।
प्रशासन ने कहा- पेश करो दस्तावेज
विक्रम नगर में रहने वाले अभिनव बिजवा ने कहा- यदि प्रशासन नमाज के लिए हमारी जमीन को समतल करने या दूसरी कोई कार्रवाई के लिए पहुंचता है, तो हम इसका विरोध करेंगे। बिना स्वामित्व स्पष्ट किए किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक संबंधित जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज पेश करने का समय दिया है। वे निर्धारित समय के भीतर सभी दस्तावेज प्रशासन को सौंप देंगे। यदि जरूरत पड़ी तो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
मस्जिद दिखती है, इसलिए चुना
कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि अब्दुल समद ने कहा- खसरा नंबर 611 और 612 की जिस जमीन पर नमाज की अनुमति दी गई है, वहां से कमाल मौलाना मस्जिद सीधे दिखाई देती है। इसी जमीन पर नमाज अदा की जाएगी। जिस जमीन पर नमाज पढ़ी जानी है, वहां बारिश के कारण कीचड़ हो गया है। इसके अलावा उस जमीन पर खेती भी की जा रही है, इसको देखते हुए प्रशासन से नमाज स्थल तक सुरक्षित पहुंच मार्ग तैयार करने का अनुरोध किया गया है।
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