पटना हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि हिंदू विवाह को वैध साबित करने के लिए केवल मतदाता सूची या भरण-पोषण का आदेश पर्याप्त नहीं है। विवाह हिंदू रीति-रिवाज और आवश्यक रस्मों के साथ संपन्न हुआ हो, इसका प्रमाण देना जरूरी है।
देश की न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने और टेक्नोलॉजी को शामिल करने पर वर्ष 2011 से अब तक 9,800 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद दशकों से अदालतों में धूल फांक रहे मुकदमों के निपटारे पर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला है।
केंद्र सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सरकारी वाहनों के दुरुपयोग और फिजूलखर्ची को रोकने के उद्देश्य से देश में एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी की नीति लागू कर दी गई है।
नीट-यूजी-2026 पेपर लीक के केसों के निपटारे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि जल्द फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाएंगी। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण विवाद गहराया। विधानसभा सत्र के पहले दिन ओबीसी महासभा का उग्र प्रदर्शन। जानें क्या है 27% आरक्षण और 13% होल्ड का पूरा मामला।
ड्रग्स और आनलाइन सट्टेबाजी के केस में पुलिस की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है। इस मामले में पुलिस ने एक और सटोरिए अमित कौशल को गिरफ्तार किया है। अमित कौशल का संबंध इस केस में पहले ही गिरफ्तार हो चुके आरोपी संजय कौशल से है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस में आंतरिक कलह तेज! निधि चतुर्वेदी ने दिग्विजय सिंह के बयानों और पार्टी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे चयनात्मक और भेदभावपूर्ण बताया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को ड्रग्स मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। नाना ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया, जबकि उन पर पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरदार सरोवर परियोजना के भुगतान समझौते पर मोहन सरकार को घेरा। 7,669 करोड़ के दावे को छोड़ने पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
राज्यसभा में एनडीए की बढ़ती ताकत और आगामी सत्र में संविधान संशोधन की संभावनाओं का विश्लेषण। जानें कैसे 141 सीटों के साथ एनडीए दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुँचा।






















