विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को एक के बाद एक सियासी झटके लग रहे हैं। दरअसल, आज एक बार कलकत्ता हाईकोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है।
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को एमपी हाईकोर्ट से बड़ा झटका। मानहानि मामले में गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हटाई गई। जानें क्या है पूरा विवाद और अब क्या हो सकता है आगे।
पश्चिम बंगाल की फलता सीट से टीएमसी के उम्मीदवार रहे जहांगीर खान को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने जहांगीर खान को नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा से पकड़ा है। टीएमसी का पूर्व विधायक जहांगीर खान देश छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में था।
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने महेश केवट को उम्मीदवार बनाकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। कभी पार्टी से निष्कासन को लेकर चर्चा में रहे महेश केवट अब भाजपा के भरोसे के साथ राज्यसभा की दौड़ में शामिल हो गए हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए शह-मात का खेल शुरू हो गया है।
मध्यप्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर भाजपा के भीतर सस्पेंस बरकरार है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने तीसरे उम्मीदवार की संभावना से इंकार किया है, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक बयान ने राजनीतिक अटकलों को फिर हवा दे दी है।
पश्चिम बंगाल में आज मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया। राज्यपाल आरएन रवि और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की। दरअसल बंगाल में भाजपा के 35 विधायकों ने शुभेंदु सरकार में मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली।
मध्यप्रदेश भाजपा में पुराने नेताओं और सिंधिया समर्थक खेमे के बीच जारी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियां बटोरने वाले गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने सिंधिया समर्थक मंत्रियों प्रद्युम्न सिंह तोमर और गोविंद सिंह राजपूत पर तीखा हमला बोला है।
मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा भोपाल से दिल्ली तक सक्रिय हो गई है। वहीं सेंधमारी से बचने के लिए कांग्रेस अपने नेताओं को एक करने की कवायद में जुटी नजर आ रही है। दो सीट लगभग पक्की होने के बाद भाजपा नेता अब तीसरी सीट हासिल करने में जुट गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 26 मई को 12 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस उपलब्धि को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मध्य प्रदेश भाजपा 12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के नाम से अभियान शुरू करने जा रही है।
मध्यप्रदेश में मंत्री, पूर्व मंत्री से लेकर विधायक-सांसद और अन्य पार्टी पदाधिकारियों द्वारा अनुशासन, भाषा की गरिमा तोड़ने के लगातार सामने आ रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं के बिगड़े बोल और अधिकारियों को खुलेआम दी जा रही धमकियों ने पार्टी-संगठन की जमकर किरकिरी करा रहे हैं। शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा के एसडीओपी (प्रशिक्षु आईपीएस) आयुष जाखड़ को खुलेआम धमकी दी।






















