मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। 24 घंटों के दौरान प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। आज सुबह से भी भोपाल सहित कई जिलों में बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा।
देश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित 18 राज्यों में आंधी, बिजली और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश और राजधानी दिल्ली के मौसम में बदलाव दिखा। दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया हुआ है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, तेज हवा चलने के साथ ही हल्की वर्षा या बूंदाबांदी हो सकती है।
मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली है। आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके साथ ही प्रदेश में एक बार फिर ठंड लौट आई है। मौसम के अचानक बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं राजधानी भोपाल में आज यानी शुक्रवार को सुबह से ही बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया है।
उत्तर और मध्य भारत पर अगले 36 घंटों में मौसम एक बार फिर बदलेगा। इसके कारण मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब समेत 9 राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट है। मध्य प्रदेश में 2 साइक्लोनिक सकुर्लेशन और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से मौसम में बदलवा आया है।
मध्यप्रदेश सरकार एक महत्वपूर्ण राजनीतिक नियुक्ति की तैयारी में जुटी है। दरअसल, विधानसभा में मुख्य सचेतक का पद भरने जा रही है, जो सदन की कार्यवाही के सुचारू संचालन और दलीय अनुशासन के लिए काफी अहम माना जाता है।
कड़ाके की सर्दी के बीच मध्य प्रदेश में ओले-बारिश का दौर शुरू हो गया है। भोपाल, ग्वालियर, रीवा समेत 20 जिलों में मावठा गिरने की चेतावनी जारी की गई है। इसी बीच राजधानी भोपाल, छतरपुर, गुना, राजगढ़ और भिंड में सुबह बारिश हुई। रायसेन में ओस की बूंदें जम गईं।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में कोहरे और ठंड के बीच बारिश की एंट्री होने वाली है। एक के बाद एक, दो पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में आज से 3 फरवरी के दौरान मध्यम से तेज बारिश के साथ बर्फबारी देखने को मिल सकता है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के आस-पास के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम अलग-अलग जगहों छिटपुट बहारिश होने की संभावना है।
ओले और बारिश का दौर थमने के बाद मध्य प्रदेश में सर्दी और घने कोहरे का असर बढ़ गया है। आज यानी गुरुवार को सुबह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कोहरा छाया रहा। कई जिलों में सुबह 10 बजे तक धूप नहीं निकली थी। भोपाल, ग्वालियर समेत 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और विजिबिलिटी कम रही।
दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में बूंदाबांदी के बाद आसमान एक बार फिर साफ हो गया है। हालांकि, ठंड का कहर अभी खत्म नहीं हुआ है। पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ फिर से सक्रिय होने वाला है, जिससे जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी होने की संभावना है।






















