पटना। स्टार समाचार वेब बिहार के लखीसराय में रविवार को नीट-यूजी परीक्षा में सॉल्वर गैंग के पर्दाफाश के एक दिन बाद पुलिस की जांच में लगातार नई कड़ियां जुड़ रही हैं। पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह ने पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन व्यवस्था में ही सेंध लगा दी थी।
एनटीए सरकार की लाख हिदायत के बाद भी एक के बाद एक गलतियां दोहरा रहा है। इससे देशभर में सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। दरअसल, पेपर लीक कांड के बाद नीट की दोबारा परीक्षा रविवार (21 जून) को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में देशभर के 22 लाख छात्र हिस्सा लेंगे।
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के न्यू बर्ग कॉलोनी क्षेत्र में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना बीती देर रात की है। गंभीर हालत में उसे पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक कांड के बाद देशभर में छात्रों की अहत्यहत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। परीक्षा कैंसिल होने के दिन से अब तक 12 बच्चों ने अपनी जान दे दी है। यहां सबसे चौंकाने और चिंता की बात यह है कि दो दिनों में चार नीट छात्रों ने आत्महत्या की है।
देशभर में 21 जून-2026 को होने जा रही नीट यूजी परीक्षा को लेकर छात्रों की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा के प्रवेश पत्र आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव तो कर दिए, लेकिन इसके तुरंत बाद ही देश भर के हजारों छात्रों के सामने एक नई मुसीबत खड़ी हो गई।
मध्यप्रदेश आत्महत्या के मामलों में देश में अव्वल है। यह हम नहीं, बल्कि एनसीआरबी द्वारा जारी 2024 की रिपोर्ट में यह चौकाना वाला खुलासा हुआ है। दावा किया गया है कि मप्र में छात्र, सरकारी कर्मचारी, किसान और गृहणियां मानसिक तनाव झेल रहे हैं और इसी के चलते वे जान दे रहे हैं।
खाड़ी देश के छात्र का रिजल्ट रोकने पर सुप्रीम कोर्ट ने CBSE और दुबई क्षेत्रीय अधिकारी को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 12 जून को होगी।
बिहार की राजधानी पटना का सबसे बड़ा कोचिंग हब मुसल्लाहपुर हाट गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। देश के सबसे लोकप्रिय और चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग सेंटर पर अज्ञात बदमाशों ने सरेआम गोलीबारी की। हमलावरों ने कोचिंग को निशाना बनाते हुए पांच-छह राउंड फायरिंग की।
सीबीएसई बोर्ड की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। चार दिन के लंबे इंतजार के बाद जब पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन पोर्टल एक्टिव हुआ तो छात्र खुशी से फूले नहीं समाए, लेकिन उनकी खुशी बहुत ज्यादा देर नहीं टिक सकी।
मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ई-प्रवेश प्रक्रिया 2026-27 अंतर्गत प्रथम चरण में विद्यार्थियों द्वारा उत्साहपूर्वक पंजीयन एवं प्रवेश प्रक्रिया में सहभागिता की जा रही है। अभी तक स्नातक, स्नातकोत्तर एवं एनसीटीई पाठ्यक्रमों में कुल 2,78,742 पंजीयन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2,10,460 आवेदनों का सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है।






















