मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई जनहितैषी फैसलों पर मुहर लगी। प्रदेश सरकार आगामी 7 अगस्त से जन विश्वास अभियान की शुरुआत करने जा रही है, जिसके तहत मुख्यमंत्री, मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी हर शुक्रवार सीधे जनता के बीच पहुंचकर मौके पर ही शिकायतों का निपटारा करेंगे।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन का दौर खत्म होने के साथ ही चुनावी जंग दिलचस्प हो गई है। उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों से साफ हुआ है कि भाजपा-कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों के प्रत्याशी करोड़पति हैं, लेकिन दोनों पर लाखों का कर्ज भी है।
बीमा कंपनियां शुरू में बड़े-बड़े और लुभावने आफर देकर ग्राहक बनाती हैं फिर अगर कोई हादसा हो जाए तो उपभोक्ता के परिजनों को क्लेम के लिए चक्कर लगवाती हैं। या फिर मुआवजा राशि देने से मुकर जाती हैं। इससे पीड़ित अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं।
मध्यप्रदेश सरकार ने छठवें वेतनमान में वेतन प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते में वृद्धि का निर्णय लिया है। इस फैसले से कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा और लंबित एरियर का भी भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया केवल युवाओं का माध्यम नहीं रह गया है। वरिष्ठ नागरिक भी तेजी से इस आभासी दुनिया में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। वे परिवार और मित्रों से जुड़े रहने, नए समुदायों से संवाद स्थापित करने तथा अपने शौक और रुचियों को पुनर्जीवित करने के लिए इन मंचों का उपयोग कर रहे हैं।
देश में कर्ज के बोझ तले दबे सबसे बड़े राज्यों में पश्चिम बंगाल टॉप पर है। बंगाल को अपने रेवेन्यू का 42 फीसदी हिस्सा सिर्फ ब्याज के भुगतान में खर्च करना पड़ा है। वहीं सूची में नौवें स्थान पर मध्य प्रदेश है।आरबीआई के वित्त वर्ष-2025 के आंकड़ों से पता चलता है कि कई बड़े राज्यों में कर्ज के ब्याज का भुगतान उसके अपने टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू का 42 प्रतिशत तक हिस्सा ले लेता है।


















