उज्जैन के प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर की मूर्ति हटाने के विवाद में नया मोड़ आया है। प्रशासन द्वारा विशेष मशीनों से प्रतिमा की स्कैनिंग और रात की कार्रवाई पर स्थानीय पार्षदों ने सवाल उठाए हैं।
प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में रामलला के दर्शन करने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुगम दर्शन पास व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं।
मध्य प्रदेश बीजेपी के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव और सह प्रभारी रेखा वर्मा भोपाल पहुंच गए हैं। पदभार संभालने के बाद दोनों नेताओं ने गुफा मंदिर में दर्शन किए और बीजेपी कार्यालय में सीएम मोहन यादव के साथ महत्वपूर्ण बैठक शुरू की।
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम के गबन मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट और भारी नकदी बरामदगी का खुलासा हुआ है।
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान सती गेट के खड़े हनुमान मंदिर को हटाने के प्रयास पर विवाद गहरा गया है। साध्वी हर्षानंद गिरि ने सरकार को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है। जानें पूरी खबर, IIT इंदौर की जांच और सोशल मीडिया के जरिए उमड़ रही भीड़ की रिपोर्ट।
राम मंदिर के चढ़ावे में सेंध ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्था का पूरा ढांचा बदल दिया। चार जून की घटना के बाद महज तीन महीने में ट्रस्ट ने व्यक्ति आधारित सिस्टम को पीछे कर तकनीक और संस्थागत निगरानी को केंद्र में ला दिया है। पहली बार सीईओ की नियुक्ति हुई है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। जानिए उनके करियर, जीवन परिचय और ट्रस्ट की बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में विस्तार से।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम और बहुप्रतीक्षित बैठक आज शाम 4 बजे मणिरामदास जी की छावनी में आयोजित होने जा रही है। इस बैठक का सबसे प्रमुख एजेंडा राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) का चयन करना है।
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के हाई-प्रोफाइल मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट आते ही देशभर में सियासी तूफान और आस्था से जुड़ा नया विवाद छिड़ गया है।
राम मंदिर दान घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी (SIT) को जांच जल्द पूरी कर तार्किक नतीजे पर पहुंचाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है और दान प्रबंधन में सुधार के संकेत दिए हैं।






















