राम मंदिर दान घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी (SIT) को जांच जल्द पूरी कर तार्किक नतीजे पर पहुंचाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है और दान प्रबंधन में सुधार के संकेत दिए हैं।

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर दान से जुड़े कथित मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए विशेष जांच दल (SIT) को अपनी जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने एसआईटी से दोटूक कहा कि वह मामले की जांच को जल्द से जल्द पूरा करते हुए इसे एक तार्किक और निर्णायक निष्कर्ष तक पहुंचाए। अदालत ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मामले में अब तक हुई प्रगति की एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जमा करने का भी आदेश दिया है।

इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की विशेष पीठ (Bench) कर रही है। सुनवाई के दौरान बेंच ने एसआईटी को यह सख्त निर्देश भी दिए कि वे जांच के दायरे में आने वाले सभी संबंधित पक्षों और पक्षकारों द्वारा दिए गए सुझावों पर पूरी तरह निष्पक्षता और गंभीरता से विचार करें, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की पारदर्शिता की कमी न रहे।
सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी संकेत दिए हैं कि एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष आने के बाद, श्रद्धालुओं द्वारा राम मंदिर में दिए जाने वाले दान के प्रबंधन (Management) और व्यवस्था में आवश्यक सुधार लाने के उद्देश्य से कुछ कड़े और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए जा सकते हैं। अदालत का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दान राशि के उपयोग में पूरी तरह से शुचिता और जवाबदेही बनी रहे।
आपको बता दें कि इससे पहले 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस की अध्यक्षता में चार सदस्यीय एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन का संज्ञान लिया था। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को यह निर्देश भी दिया था कि इस जांच टीम में एक अनुभवी फॉरेंसिक ऑडिटर (Forensic Auditor) को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
सुनवाई के दौरान बेंच ने इस बात पर विशेष जोर दिया था कि व्यवस्था में सुधार लाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाने बेहद जरूरी हैं। अदालत ने साफ शब्दों में कहा था कि श्रद्धालुओं की आस्था और दान की राशि की सुरक्षा के लिए 'पारदर्शिता सुनिश्चित करना' उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूर्व में भी सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को दो सप्ताह के भीतर अपनी प्रारंभिक स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था, और अब इस मामले की अगली प्रगति पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई के संसद मार्च को गैरकानूनी बताया है। पुलिस हलफनामे के अनुसार प्रदर्शन में 2,800 से अधिक हिस्ट्रीशीटर शामिल थे और झड़प में 240 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए।
बिहार में नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्र प्रदर्शन के दौरान फायरिंग मामले में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि सीवान में एके-47 से चली गोली से कोई घायल नहीं हुआ, जबकि पिस्टल से फायरिंग में तीन छात्र घायल हुए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों और महिला प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ज्यादती की जांच के लिए पूर्व जज की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने देश में मृत्युदंड देने के लिए फांसी के बजाय किसी कम दर्दनाक विकल्प-जैसे जहरीला इंजेक्शन या गोली मारने को अपनाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इस याचिका के खारिज होने से भविष्य में इस मुद्दे पर वैधानिक व वैज्ञानिक जांच का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं होता।
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के हाई-प्रोफाइल मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट आते ही देशभर में सियासी तूफान और आस्था से जुड़ा नया विवाद छिड़ गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं। पार्टी ने इन राज्यों की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी है। विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है, जबकि जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
दुनिया भर में आने वाले वर्षों में एक नया खाद्य और आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। वैश्विक वित्तीय सेवा फर्म जेपी मॉर्गन ने एक चेतावनी रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि वर्ष 2027 में विश्व की खाद्य प्रणाली को एक बड़े आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ सकता है।
देश की चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता मजबूत करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि चुनाव में गलत तरीकों और धांधली के आरोपी उम्मीदवारों पर दर्ज आपराधिक केसों को राज्य सरकारें अपनी मर्जी से वापस नहीं ले सकेंगी।
राम मंदिर दान घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी (SIT) को जांच जल्द पूरी कर तार्किक नतीजे पर पहुंचाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है और दान प्रबंधन में सुधार के संकेत दिए हैं।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस फेरबदल में स्मृति ईरानी, राम माधव और वसुंधरा राजे सिंधिया को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जानिए किसे क्या पद मिला।

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