न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने कहा-इसीलिए हिंदू धर्म को जीवन जीने का तरीका कहा जाता है। किसी हिंदू के लिए मंदिर जाना या कोई अनुष्ठान करना अनिवार्य नहीं है, ताकि वह हिंदू बना रहे। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को कर्मकांडों का पालन करना जरूरी नहीं है और किसी की आस्था के रास्ते में कोई बाधा नहीं डाल सकता।
महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक चेतना की सबसे गहन और अर्थपूर्ण अभिव्यक्तियों में से एक है। यह तिथि शिव और शक्ति के कॉस्मिक मिलन, शिव के तांडव और उस महाक्षण की स्मृति से जुड़ी है जब शिव ने हलाहल विष का पान कर सृष्टि को विनाश से बचाया और नीलकंठ कहलाए।















