भारतीय रेलवे ने गर्मियों की भीड़ को देखते हुए भोपाल मंडल से पुणे-दानापुर और LTT-दानापुर स्पेशल ट्रेनों के संचालन का एलान किया है। 15 जुलाई 2026 तक चलने वाली इन ट्रेनों का पूरा शेड्यूल यहाँ देखें
मुंबई स्थित महाराष्ट्र विधानसभा भवन को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। मौके पर बम निरोधक दस्ता (BDDS) जांच कर रहा है। जानें सुरक्षा के ताजा हालात और पुलिस की कार्रवाई।
दिल्ली के विजय चौक पर बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी संपन्न। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी की मौजूदगी में सेना के बैंड्स ने बिखेरी धुनों की छटा। जानें बेस्ट झांकी और मार्चिंग टुकड़ी के परिणाम
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार पंचतत्व में विलीन हो गए। बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहाँ अमित शाह और शरद पवार समेत कई दिग्गज मौजूद रहे।
महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 नगर निगम चुनावों में भाजपा गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई प्रमुख शहरों में जीत हासिल की है। यह जीत एकनाथ शिंदे और भाजपा गठबंधन की रणनीति का नतीजा है, जबकि ठाकरे बंधु के एक साथ आने के बावजूद शिवसेना (यूबीटी) अपना आखिरी किला नहीं बचा सकी।
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव के नतीजों में भाजपा की प्रचंड जीत। मुंबई बीएमसी में उद्धव और राज ठाकरे का गठबंधन फेल, शिंदे-भाजपा ने लहराया जीत का परचम।
महाराष्ट्र की राजनीति इनदिनों चौंकाने वाली है। कभी भाजपा-कांग्रेस का गठबंधन तो कभी अवैसी की पार्टी का साथ। और अब इसी बीच एक बार फिर चाचा-भतीजा भी एक हो गए। दरअसल, एनसीपी और एनसीपी (शरद पवार) ने पुणे नगर निगम चुनाव 2026 के लिए संयुक्त घोषणापत्र जारी किया।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान तत्कालीन विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे को झूठे मामले में गिरफ्तार करने की साजिश रची गई थी। अब फडणवीस सरकार ने इस साजिश का पता लगाने के लिए एसआईटी का गठन किया है।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद के चुनाव नतीजों के बाद मची राजनीतिक हलचल के बीच कांग्रेस के सभी 12 निलंबित पार्षद भाजपा में शामिल हो गए हैं। बुधवार देर रात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने इन पार्षदों के पार्टी में शामिल होने की औपचारिक घोषणा की।
भाजपा और कांग्रेस के इस अप्रत्याशित गठबंधन के पीछे एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना (शिंदे) को सत्ता से दूर रखने की मंशा को वजह बताया जा रहा है। भाजपा ने कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया और अब वह इस गठबंधन के दम पर अंबरनाथ नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ती नजर आ रही है।






















