राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित गुजरात एवं महाराष्ट्र स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की। जानें सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और 'विकसित भारत @2047' के संकल्प के बारे में।

भोपाल. स्टार समाचार वेब
"एक भारत-श्रेष्ठ भारत" की संकल्पना के तहत गुजरात और महाराष्ट्र राज्य का स्थापना दिवस मनाया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दोनों राज्यों के प्रशासनिक गठन को उनकी विकास यात्राओं का अभिनंदन पर्व बताया। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति रही, जहां राज्यपाल ने नागरिकों और युवाओं से भारत की सांस्कृतिक विविधताओं को सशक्त राष्ट्र का आधार बनाने और 'विकसित भारत @2047' के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया. राज्यपाल ने उपस्थितों को राष्ट्र निर्माण में सर्वोत्तम योगदान देने का संकल्प भी दिलाया।
राज्यपाल पटेल ने गुजरात की उद्यमिता और नवाचार की सराहना करते हुए इसे 'मेक इन इंडिया' और 'स्टार्टअप इंडिया' का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया. उन्होंने गुजरात की गौरवशाली पहचान के रूप में भगवान श्रीकृष्ण की द्वारका नगरी, सोमनाथ मंदिर, साबरमती तट और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे स्थलों का उल्लेख किया. साथ ही, महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे महान धरती पुत्रों के योगदान को याद करते हुए गरबा और डांडिया जैसी विश्व प्रसिद्ध परंपराओं का वर्णन किया। उन्होंने रेखांकित किया कि गुजरात के लोग अपने व्यापारिक कौशल और सांस्कृतिक मूल्यों के बल पर देश का आर्थिक नेतृत्व कर रहे हैं।

राज्यपाल ने महाराष्ट्र को समृद्ध पौराणिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बताया। उन्होंने संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम और नामदेव की भक्ति परंपरा से विकसित हुई नैतिक चेतना और छत्रपति शिवाजी महाराज के अदम्य साहस का विशेष उल्लेख किया। महाराष्ट्र की पहचान मेहनत, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा के रूप में करते हुए उन्होंने सह्याद्री की भव्यता, अजंता-एलोरा की गुफाओं और त्रयम्बकेश्वर जैसे तीर्थ स्थलों को भारतीय विरासत का गौरव बताया। साथ ही, लोकमान्य तिलक और वीर सावरकर जैसे नायकों द्वारा किए गए राष्ट्रीय जागरण के कार्यों को भी स्मरण किया।
समारोह के दौरान दोनों राज्यों की लोक संस्कृति पर आधारित मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां दी गईं। गुजराती समाज द्वारा "वायब्रेंट स्पिरिट ऑफ गुजरात" थीम पर आकर्षक प्रस्तुति दी गई, जबकि महाराष्ट्र की ओर से आई साहेब ग्रुप ने राज्य की आध्यात्मिकता और विरासत को कला के माध्यम से प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा के संदेशों का प्रसारण भी किया गया. इस संयुक्त आयोजन में मध्यप्रदेश में निवासरत दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का पारंपरिक स्वागत किया और मराठी साठा व स्मृति चिन्ह भेंट किए। कार्यक्रम में शासन के वरिष्ठ अधिकारी और समाज के विभिन्न प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कूनो नेशनल पार्क पहुँचकर चीता प्रोजेक्ट की प्रगति का जायजा लिया। भारत में अब 52 चीते हैं। राष्ट्रपति ने चीता कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया और अधिकारियों के साथ चर्चा की।
जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भाग लिया। उन्होंने युवाओं से जनजातीय समाज के विकास और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का आह्वान किया।
भोपाल रेल मंडल के यात्रियों के लिए सबसे अहम बदलाव बिना टिकट और नियमों के उल्लंघन से जुड़े किए गए हैं। अब बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 250 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। अनियमित यात्रा या गलत टिकट पर यात्रा करने पर भी यही नियम लागू होंगे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मध्य प्रदेश में जगह-जगह सामूहिक योग किए गए। जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने योग किया।
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमि-पूजन, 5657 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, पीएम आवास योजना और कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों पर विस्तृत रिपोर्ट।
सीधी के खैरा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। घटना में एक ही परिवार के पांच लोग घायल हुए, जबकि मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सिंगरौली की अमलोरी कोल माइंस में डंपर 100 फीट गहरी खाई में गिरने से ऑपरेटर की मौत हो गई। हादसे ने खदानों में श्रमिक सुरक्षा और कार्यस्थल प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित परिवार पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के अभाव में तिरपाल और झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। मुआवजा मिलने के बावजूद स्थायी पुनर्स्थापन और बुनियादी व्यवस्थाओं का इंतजार जारी है।
रीवा के सेमरिया स्थित पीएम श्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय में छात्रों के लिए आई किताबें और शैक्षणिक सामग्री कबाड़ में बेचने का आरोप लगा है। मामले का वीडियो सामने आने के बाद जवाबदेही पर सवाल उठे हैं।
रीवा में प्रवर्तन निदेशालय ने चार प्रमुख संविदाकारों के घर और कार्यालयों पर छापेमार कार्रवाई की। वित्तीय अनियमितताओं, टेंडर भुगतान और कथित घोटालों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

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