बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में महाकाल मंदिर से रामघाट को जोड़ने वाला 14वीं सदी का ऐतिहासिक क्षिप्रा द्वार अचानक ढह गया। हाल ही में इस पर 2.12 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
मध्यप्रदेश के सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात। मंदाकिनी नदी उफान पर, पुल बहा, ट्रेनें प्रभावित और एसडीआरएफ का रेस्क्यू जारी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन में हरसिद्धि पाल से रामघाट मार्ग चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया।
महाकालेश्वर की श्रावण-भाद्रपद मास की पंचम सवारी कल सोमवार को निकलेगी। इस सवारी में भगवान अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे, जिसमें श्री चंद्रमौलेश्वर, मनमहेश, शिवतांडव, उमा-महेश और होल्कर स्टेट के मुखारविंद शामिल होंगे। 4 जनजातीय नृत्य दल इस भव्य शोभायात्रा को और आकर्षक बनाएंगे। लाइव प्रसारण और चलित रथ की सुविधा भी होगी, जिससे भक्त आसानी से दर्शन कर सकेंगे।
चित्रकूट में मूसलाधार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी उफान पर है। रामघाट, भरतघाट और जानकीकुंड जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर नाव चलानी पड़ी और कई इलाकों में बिजली और यातायात बाधित हो गया है। प्रशासन अलर्ट मोड में है, राहत और बचाव कार्य जारी हैं।
चित्रकूट में लगातार बारिश से मंदाकिनी नदी उफान पर है, जिससे रामघाट और भरतघाट जैसे प्रमुख स्थल डूब गए हैं। छतरपुर में बाढ़ में फंसे परिवार को 10 घंटे बाद रेस्क्यू किया गया। दतिया में तालाब में डूबने से तीन बच्चियों की मौत हुई। मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश से हालात गंभीर हैं।
चित्रकूट के रामघाट में खुदाई के बाद कीचड़ और सिल्ट को हटाने में लापरवाही बरतते हुए अधिकारी अब बाढ़ का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय जनता और संगठनों में आक्रोश है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।



















