जबलपुर में RSS की कार्यकारी मंडल बैठक का समापन। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने विजयादशमी कार्यक्रमों के आंकड़े जारी किए: 62,555 कार्यक्रम, 32 लाख से अधिक स्वयंसेवकों की भागीदारी। संघ का शताब्दी वर्ष पर फोकस और मणिपुर, वंदेमातरम्, नक्सलवाद पर बयान।
विजयादशमी पर सतना शहर रामभक्ति में डूब गया। व्यंकट मैदान और मैत्री पार्क में रावण दहन के साथ हजारों श्रद्धालु जय श्रीराम के नारे लगाते दिखे। भव्य शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और मां दुर्गा की झांकियों ने जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। दीप सज्जा और आतिशबाजी से शहर झिलमिलाता रहा, जहां आस्था, संस्कृति और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला।
संघ विजयादशमी पर अपना स्थापना दिवस मनाता है। 1925 में विजयादशमी के दिन डॉ. बलराम कृष्ण हेडगेवार ने इसकी शुरुआत की थी। इस बार भारत के सीजेआई बीआर गवई की मां डॉ. कमलताई गवई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समारोह में शामिल होंगी। पांच अक्टूबर को अमरावती में होने वाले समारोह में संघने कमलताई को मुख्य अतिथि बनाया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस विजयादशमी के अवसर पर अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। संघ शताब्दी वर्ष का शुभारंभ विजयादशमी उत्सव पर्व के साथ ही शुरू हो जाएगा। उज्जैन महानगर के स्वयंसेवक विजयादशमी पर निकलने वाले पथ संचलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए एक माह से घर-घर संपर्क अभियान चलाकर संचलन में चलने और परिवार सहित संचलन को देखने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।
















