मध्य प्रदेश में कफ सिरप से अब तक 12 बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। जांच में कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा अधिक होने की पुष्टि के बाद सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। शनिवार देर रात पुलिस ने कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है।

शनिवार देर रात पुलिस ने कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश में कफ सिरप से अब तक 12 बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। जांच में कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा अधिक होने की पुष्टि के बाद सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। शनिवार देर रात पुलिस ने कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, छिंदवाड़ा में 12 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कफ सिरप लिखने वाले डा. प्रवीण सोनी को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले शनिवार को ही परासिया थाना में डॉक्टर प्रवीण सोनी और कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी थी। मामले में ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक एक्ट की धारा 27(ए), बीएनएस की धारा 105 और 276 के तहत केस दर्ज किया गया है। डॉक्टर के खिलाफ परासिया सीएचसी से बीएमओ अंकित सहलाम ने शिकायत की थी। छिंदवाड़ा में मरने वाले ज्यादातर बच्चों को कफ सिरप डॉक्टर प्रवीण सोनी ने ही लिखी थी।
इधर, मासूम बच्चों की मौत के मामले में आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले की जानकारी खुद मुख्यमंत्री कायार्लाय की तरफ से दी गई है, जिसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर छिंदवाड़ा जिले के परासिया में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिशुओं के उपचार में लापरवाही बरतने के आरोप में उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन के बाद उन्हें क्षेत्रीय कार्यालय स्वास्थ्य सेवाएं, जबलपुर में अटैच कर दिया गया है।
सिरप में 48.6 फीसदी जहर
जिस सिरप से बच्चों की मौत हुई थी, उसकी जांच रिपोर्ट शनिवार देर रात आई थी। रिपोर्ट में पाया गया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा 48.6 फीसदी थी. जिससे स्वास्थ्य को गंभीर क्षति पहुंच सकती है।
सीएम ने कहा-दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
छिंदवाड़ा जिले में बच्चों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ सिरप के कारण बच्चों की मौत बेहद दुखद है। इस सिरप की बिक्री पूरे मध्य प्रदेश में प्रतिबंधित कर दी गई है। इस सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई जारी है। मामले की जांच के लिए राज्य स्तर पर एक टीम भी गठित की गई है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
कमलनाथ बोले-50-50 लाख दे सरकार
वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार को पीड़ित परिवारों 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देनी चाहिए। यह याद रखना चाहिए कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि मानव निर्मित त्रासदी है। मैं मध्य प्रदेश सरकार से मृतक बच्चों के परिवारों को 50-50 लाख की आर्थिक सहायता देने का आग्रह करता हूं। कुछ बीमार बच्चों के परिवार इलाज के लिए अपनी जेब से पैसे दे रहा हूं। सरकार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि राज्य में किस तरह की दवाइयां बिक रही हैं।
सिरप ने ली 14 की जान
दिव्यांश चंद्रवंशी, अदनान खान, हेतांश सोनी, उसैद, श्रेया यादव, विकास यदुवंशी, योगिता विश्वकर्मा, संध्या भोसोम, चंचलेश यदुवंशी, योजिता ढाकरे, इनके अलावा चार अन्य बच्चों की भी मौत हुई है। कफ सिरप के सेवन से अब तक 14 मासूम बच्चों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक 12 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है।
अब आगे का एक्शन
पुलिस डॉ. सोनी से गहन पूछताछ में जुटी है। श्रेसन फार्मा की सप्लाई चेन और मालिकों पर शिकंजा कसने की तैयारी। केंद्र ने बच्चों (5 साल से कम) के लिए सभी कफ सिरप्स पर सख्त चेतावनी जारी की। मल्टीडिसिप्लिनरी जांच टीम मामले की तह तक जा रही है।
राज्यों के साथ स्वास्थ्य सचिव लेंगे बैठक
इधर, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप के चलते हुए बच्चों की मौत के बाद केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ आज शाम में बैठक करने जा रही है। जिसमें दवाओं के गुणवत्ता को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं। रविवार शाम चार बजे केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों, स्वास्थ्य सचिवों और औषधि नियंत्रकों के साथ कफ सिरप के तर्कसंगत उपयोग और दवाओं की गुणवत्ता पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक करने वाले हैं। सीडीएससीओ ने सरेशान फार्मास्यूटिकल्स की तरफ से बनाई गई खांसी की दवा कोल्ड्रिफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। यह कदम उस समय उठाया गया जब कई बच्चे इस दवा पीने के बाद मृत पाए गए।


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