चुनाव आयोग आज चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है।केरल, असम, पुदुचेरी, तमिलनाडु में एक चरण में; तो बंगाल में दो चरणों में वोटिंग होगी। नतीजे- 4 मई को आएंगे।
By: Ajay Tiwari
Mar 15, 20264:12 PM

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04:00 PM
चुनाव आयोग की पत्रकार वार्ता शुरू
चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की तारीख की घोषणा के लिए चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है।
04:15 PM
पिछले कुछ दिनों में आयोग सभी चुनावी राज्यों में पहुंचा। वहां विधानसभा चुनाव की तैयारियों को देखा। सभी राजनीतिक दलों से मुलाकात की और उनके सुझाव जाने। सभी प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों से बात की और राज्यों के चुनाव अधिकारियों से भी मुलाकात की।
04:20 PM
आयोग ने नए मतदाताओें से बात की
आयोग ने युवा और पहली बार मतदान करने जा रहे मतदाताओं से भी बात की गई। पांच राज्य की भौगोलिक और सांस्कृतिक स्थितियां अलग-अलग हैं। इन राज्यों में एसआईआर किया गया ताकि कोई भी मतदाता न छूटे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार- सभी पांच राज्यों-यूटी अलग-अलग भौगोलिक स्थिति और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्वच्छ मतदाता सूची लोकतंत्र की आत्मा हैं। इसके लिए हमने विशेष गहन पुनरीक्षण कराया, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि योग्य मतदाता न छूटें और कोई भी ऐसा व्यक्ति मतदाता सूची में न जुड़े जो योग्य नहीं है।
17.4 करोड़ मतदाता चुनेंगे नई सरकार
सीईसी बोले- पांच राज्यों में इस बार कुल 17.4 करोड़ मतदाता चुनेंगे नई सरकार

04:20 PM
चुनाव आयोग ने असम और केरल के अनोखे मतदान केंद्र के बारे में बताया...
असम:
मतदान दल माजुली से 50-60 किलोमीटर की कठिन यात्रा नाव और सड़क मार्ग से तय करते हैं, ब्रह्मपुत्र नदी पार करते हैं, और अंत में ट्रैक्टर से दूरस्थ धनेखाना मतदान केंद्र पर 248 मतदाताओं को लेकर पहुंचते हैं।
केरल:
इडुक्की जिले के एक आदिवासी क्षेत्र में स्थित बूथ संख्या 34 एडामलकुड्डी, जिसमें कुल 693 मतदाता हैं, एक अनोखा दूरस्थ मतदान केंद्र है, जहां मतदान अधिकारी विशेष वाहन से 30 किलोमीटर की दुर्गम और दुर्गम सड़कों से होकर गुजरते हैं, जिसके बाद उन्हें 8 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
04:30 PM
हमने 12 महीने में कई प्रयोग किए: आयोग
ज्ञानेश कुमार ने बताया-' पिछले 12 महीने में चुनाव आयोग ने पारदर्शिता लाने के लिए कई नए प्रयोग किए।
पहला था SIR, जिसमें यह निश्चित किया गया कि कोई भी अयोग्य व्यक्ति वोटर लिस्ट में न रहे। दूसरा- मोबाइल फोन पोलिंग स्टेशन के बाहर ही रखा जाएगा। वोट देने के बाद उसे वापस ले सकेंगे। एक पोलिंग स्टेशन में 1200 से ज्यादा वोटर्स न हों। सभी जानकारी चुनाव से जुड़ी जिनमें एपिक कार्ड, प्रत्याशियों के हलफनामे एक एप पर उपलब्ध हैं।
असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रति मतदान केंद्र औसतन 750-900 मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 2.19 लाख मतदान केंद्रों पर मतदान होगा; 25 लाख चुनाव अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।
04:30 PM
केरल, असम, पुदुचेरी, तमिलनाडु में एक चरण में मतदान; बंगाल में दो चरणों वोटिंग
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