भोपाल गैस त्रासदी का जख्म और दर्द आज भी लोग नहीं भूल पा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्र के लोग दोषियों को कोसते नजर आते हैं। दरअसल, जेपी नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का आज यानी शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गैस राहत से जुड़े अफसरों से भी चर्चा की।
By: Arvind Mishra
Jan 17, 20262:24 PM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
भोपाल गैस त्रासदी का जख्म और दर्द आज भी लोग नहीं भूल पा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्र के लोग दोषियों को कोसते नजर आते हैं। दरअसल, जेपी नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का आज यानी शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गैस राहत से जुड़े अफसरों से भी चर्चा की। सीएम ने दावा किया कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री फैक्ट्री में आया। पिछले साल जहरीला कचरा हटाया। वहीं, आने वाले समय में कोर्ट के मार्गदर्शन में इस स्थान पर मेमोरियल समेत क्या-क्या कर सकते हैं, इसके सुझाव लेंगे। सभी पक्षों को विश्वास में लेकर इस जगह को बेहतर बनाएंगे। सीएम ने कहा-कांग्रेस ने यहां पर लोगों को सिर्फ मरने के लिए छोड़ा था। फैक्ट्री के मालिक वारेन एंडरसन को यहां से भगाने के लिए कांग्रेस के लोगों ने ही बड़ी मदद की थी। राहुल गांधी को माफी मांगना चाहिए। उनकी ही जवाबदार दादी और पिता के शासनकाल में यह कलंक, कलंक बना रहा। मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान भी यहां के लिए कुछ नहीं किया गया। हम बंद पड़ी फैक्ट्रियों से रोजगार ढूंढ रहे हैं। एक के बाद एक नए काम कर रहे हैं। भोपाल को मेट्रोपॉलियन सिटी बना रहे हैं। जहां रुकावटें हैं, उन्हें हटा रहे हैं।

बच्चों के साथ ली सेल्फी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर के निरीक्षण के बाद लौटते समय आरिफ नगर में स्कूली बच्चों के साथ सेल्फी ली। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर के निरीक्षण के बाद लौटते समय आरिफ नगर में भोलेनाथ के दर्शन कर पूजा की।

कांग्रेस ने रखवाया था कचरा
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा- 2-3 दिसंबर 1984 की रात में यह कलंक कांग्रेस के शासनकाल में लगा था। यहां मौत का तांडव हुआ था। यहां के जहरीले कचरे को कांग्रेस ने 25 साल तक पटककर रखा था। लोगों के लिए इस स्थान को भुतहा बना दिया था। हमारी सरकार ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए कचरे का खात्मा किया। सरकार गैस पीड़ितों के साथ है। कांग्रेस ने इन्हें लावारिश छोड़ दिया।
42 बस्तियों का भूजल प्रदूषित
यूका फैक्ट्री का 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा 40 साल बाद पिछले साल जनवरी में हटा था। 12 कंटेनर के जरिए हाई सिक्योरिटी के बीच कचरा पीथमपुर ले जाया गया था। यहां लंबे विरोध प्रदर्शन के बाद यह कचरा जलाया गया था, लेकिन फैक्ट्री में अब भी हजारों टन कचरा दफन होने की बात गैस पीड़ित संगठन कर रहे हैं। जिसकी वजह से 42 बस्तियों का भूजल प्रदूषित हुआ है।