मध्यप्रदेश की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में अनुशासन लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के भोपाल से बाहर दौरे पर होने के बावजूद, सीएम के निर्देशों पर आज राजधानी के प्रमुख सरकारी कार्यालयों में छापामार कार्रवाई की गई।

अधिकारी और कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में अनुशासन लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के भोपाल से बाहर दौरे पर होने के बावजूद, सीएम के निर्देशों पर आज राजधानी के प्रमुख सरकारी कार्यालयों में छापामार कार्रवाई की गई। इस औचक निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर हैं या नहीं। इस दौरान दफ्तरों में अफरा-तफरी का महौल रहा। दरअसल, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राजधानी के तीन प्रमुख शासकीय कार्यालय (वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन) में गुरुवार से अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने सुबह 10 बजे सभी प्रमुख विभागों के कार्यालय में जाकर उपस्थिति रजिस्टर चेक किए।
सुबह 10 से शाम 4 बजे तक विशेष निगरानी
वहीं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी ऐसा करने को कहा। इन कार्यालयों में कौन अधिकारी-कर्मचारी कब पहुंचा और कब वापस गया, इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सीएम के निर्देशों के अनुसार अधिकारियों-कर्मचारियों की आवाजाही पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक विशेष निगरानी रखी जा रही है, जबकि उपस्थिति संबंधी जानकारी सुबह 10 से शाम 6 बजे तक संकलित की जाएगी।
सीएम और सीएस दौरे पर, फिर भी सख्ती
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सीएस अनुराग जैन वर्तमान में भोपाल से बाहर दौरे पर हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग को सभी संबंधित दफ्तरों में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनाधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी एकत्र करने के आदेश दिए गए हैं। जीएडी की टीमें तीनों भवनों में तैनात होकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
समय पालन पर सीएम का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सभी अधिकारी और कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने संदेश दिया है कि यदि समय पालन में कोताही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शी प्रशासन पर जोर
राज्य सरकार का कहना है कि जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को पूर्ण जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।


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