मध्यप्रदेश एक कृषि- प्रधान राज्य है और कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का मूल आधार है। कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान प्रदान करता है, साथ ही व्यापक स्तर पर रोजगार, खाद्य एवं पोषण तथा आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

खाद्यान्न उत्पादन में विशेष रूप से अनाज और दलहनों के उत्पादन में महत्वपूर्व योगदान प्रदान करता है।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश एक कृषि- प्रधान राज्य है और कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का मूल आधार है। कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान प्रदान करता है, साथ ही व्यापक स्तर पर रोजगार, खाद्य एवं पोषण तथा आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मध्यप्रदेश राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में विशेष रूप से अनाज और दलहनों के उत्पादन में महत्वपूर्व योगदान प्रदान करता है। राज्य सरकार द्वारा कृषकों की आय को बढ़ाने एवं कृषकों के समग्र कल्याण के उद्देश्य से वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया गया है। मध्यप्रदेश ने वर्ष 2024-25 में कृषि उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की है। केंद्र सरकार द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य खाद्यान्न, दलहन तथ तिलहन फसलों के उत्पादन में शीर्ष तीन राज्यों में शामिल रहा है। मध्यप्रदेश ने कुल खाद्यान्न उत्पादन में 46.63 मिलियन टन उत्पादन के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जो राष्ट्रीय उत्पादन का लगभग 13.04 प्रतिशत है। राज्य कुल दलहन फसल उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर हैं। तिलहन फसलों के उत्पादन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया।
खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरा स्थान
राज्य ने गेहूं उत्पादन में राज्य ने 24.51 मिलियन टन उत्पादन किया और लगभग 20.78 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया। राज्य मक्का उत्पादन में भी अग्रणी रहा। 6.64 मिलियन टन उत्पादन के साथ मध्यप्रदेश का राष्ट्रीय हिस्सेदारी में लगभग 15.30 प्रतिशत योगदान रहा, जिससे यह देश का प्रमुख उत्पादक राज्य बना। मोटे अनाज के उत्पादन में भी राज्य ने 7.78 मिलियन टन उत्पादन करते हुए लगभग 12.17 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की और देश में तृतीय स्थान हासिल किया।
दलहन उत्पादन में शीर्ष स्थान बरकरार
दलहन क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल दलहन उत्पादन में 5.24 मिलियन टन उत्पादन किया और 20.40 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में पहला स्थान प्राप्त किया। चना उत्पादन में राज्य 2.11 मिलियन टन उत्पादन और लगभग 19.01 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष तीन राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।
तिलहन में देश में अग्रणी राज्य
तिलहन क्षेत्र में भी राज्य की स्थिति मजबूत रही। कुल तिलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश ने 8.25 मिलियन टन उत्पादन करते हुए लगभग 19.19 प्रतिशत राष्ट्रीय हिस्सेदारी दर्ज की एवं देश से दूसरा स्थान हासिल किया। विशेष रूप से सोयाबीन उत्पादन में राज्य ने 5.38 मिलियन टन उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का लगभग 35.27 प्रतिशत है और इसे देश के प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में स्थापित करता है। राज्य में मूंगफली का उत्पादन 1.55 मिलियन टन रहा जो कि देश के कुल उत्पादन का 12.99 प्रतिशत रहा। मूंगफली उत्पादन में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है।
योजनाओं का हो रहा सफल संचालन
मध्यप्रदेश में केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि विकास योजनाओं रासायनिक उर्वरकों का वितरण, पौध संरक्षण कार्यक्रम, मांग आधारित कृषि के लिए फसलों का विविधीकरण, एक जिला-एक उत्पाद योजना, मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन, कृषि उत्पादक संगठनों का गठन एवं संवर्धन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, भावांतर भुगतान, रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना आदि का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। परिणामस्वरूप राज्य को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है। कुल उत्पादन में वृद्धि हुई है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश सरकार ने 2004 बैच के अनुभवी आईपीएस अधिकारी इरशाद वली को सागर रेंज का नया आईजी नियुक्त किया है। जानिए उनके अब तक के करियर, अनुभव और सागर में उनकी चुनौतियों के बारे में विस्तार से।
मध्य प्रदेश STF ने भोपाल में फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने वाले इंटरनेशनल नेटवर्क का खुलासा किया है। एक ही पते से 70 से अधिक संदिग्ध पासपोर्ट जारी होने और असम-पश्चिम बंगाल कनेक्शन की पूरी खबर पढ़ें।
रीवा में नौ महीने से पेंशन नहीं मिलने से परेशान रिटायर्ड कर्मचारी कॉलेज की छत पर चढ़ गया। आत्महत्या की कोशिश से हड़कंप मच गया। प्राचार्य ने समझाइश देकर उसे नीचे उतारा, पेंशन प्रकरण भोपाल भेजा गया।
रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सभी इंटर्न डॉक्टर दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। मेडिकल टीचर एसोसिएशन ने समर्थन किया, ओपीडी सेवाएं बंद रहीं, भोपाल लाठीचार्ज का विरोध हुआ।
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान सती गेट के खड़े हनुमान मंदिर को हटाने के प्रयास पर विवाद गहरा गया है। साध्वी हर्षानंद गिरि ने सरकार को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है। जानें पूरी खबर, IIT इंदौर की जांच और सोशल मीडिया के जरिए उमड़ रही भीड़ की रिपोर्ट।
कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने योजनाओं की समीक्षा में पांच साल से पुराने राजस्व प्रकरणों के निराकरण, फार्मर आईडी, राहत वितरण और आवास पूर्णता के निर्देश दिए। हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के उपचार में लापरवाही पर कार्रवाई होगी।
रीवा के जेल रोड स्थित निजी अस्पताल के सामने आप के पूर्व नेता प्रमोद शर्मा समर्थकों संग प्रदर्शन करने पहुंचे। जबरन अस्पताल में प्रवेश के प्रयास पर पुलिस से बहस और धक्का-मुक्की हुई।
मध्य प्रदेश सरकार ने पेट्रोल, डीजल और CNG पंप संचालकों को लंबित टैक्स असेसमेंट में बड़ी राहत दी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए स्व-घोषणा के आधार पर टैक्स निर्धारण की पूरी प्रक्रिया, पात्रता, दस्तावेज और नियमों की विस्तृत जानकारी यहाँ पढ़ें।
पन्ना के नवनिर्मित आयुष भवन में बारिश के दौरान छत से पानी टपकने और दीवारों में सीलन की समस्या सामने आई। दस्तावेज व सामान बाहर निकालना पड़ा। विभाग ने हाउसिंग बोर्ड को मरम्मत पत्र भेजा।
बांधवगढ़ से आया हाथी ई-5 गोरसरी पहाड़ के आसपास मौजूद है। आक्रामक व्यवहार को देखते हुए मैहर प्रशासन सतर्क है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा, कुमकी हाथियों से रेस्क्यू की तैयारी।