मध्यप्रदेश एक कृषि- प्रधान राज्य है और कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का मूल आधार है। कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान प्रदान करता है, साथ ही व्यापक स्तर पर रोजगार, खाद्य एवं पोषण तथा आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
By: Arvind Mishra
Feb 24, 20262:52 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश एक कृषि- प्रधान राज्य है और कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का मूल आधार है। कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान प्रदान करता है, साथ ही व्यापक स्तर पर रोजगार, खाद्य एवं पोषण तथा आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मध्यप्रदेश राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में विशेष रूप से अनाज और दलहनों के उत्पादन में महत्वपूर्व योगदान प्रदान करता है। राज्य सरकार द्वारा कृषकों की आय को बढ़ाने एवं कृषकों के समग्र कल्याण के उद्देश्य से वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया गया है। मध्यप्रदेश ने वर्ष 2024-25 में कृषि उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की है। केंद्र सरकार द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य खाद्यान्न, दलहन तथ तिलहन फसलों के उत्पादन में शीर्ष तीन राज्यों में शामिल रहा है। मध्यप्रदेश ने कुल खाद्यान्न उत्पादन में 46.63 मिलियन टन उत्पादन के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जो राष्ट्रीय उत्पादन का लगभग 13.04 प्रतिशत है। राज्य कुल दलहन फसल उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर हैं। तिलहन फसलों के उत्पादन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया।
खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरा स्थान
राज्य ने गेहूं उत्पादन में राज्य ने 24.51 मिलियन टन उत्पादन किया और लगभग 20.78 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया। राज्य मक्का उत्पादन में भी अग्रणी रहा। 6.64 मिलियन टन उत्पादन के साथ मध्यप्रदेश का राष्ट्रीय हिस्सेदारी में लगभग 15.30 प्रतिशत योगदान रहा, जिससे यह देश का प्रमुख उत्पादक राज्य बना। मोटे अनाज के उत्पादन में भी राज्य ने 7.78 मिलियन टन उत्पादन करते हुए लगभग 12.17 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की और देश में तृतीय स्थान हासिल किया।
दलहन उत्पादन में शीर्ष स्थान बरकरार
दलहन क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल दलहन उत्पादन में 5.24 मिलियन टन उत्पादन किया और 20.40 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में पहला स्थान प्राप्त किया। चना उत्पादन में राज्य 2.11 मिलियन टन उत्पादन और लगभग 19.01 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष तीन राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।
तिलहन में देश में अग्रणी राज्य
तिलहन क्षेत्र में भी राज्य की स्थिति मजबूत रही। कुल तिलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश ने 8.25 मिलियन टन उत्पादन करते हुए लगभग 19.19 प्रतिशत राष्ट्रीय हिस्सेदारी दर्ज की एवं देश से दूसरा स्थान हासिल किया। विशेष रूप से सोयाबीन उत्पादन में राज्य ने 5.38 मिलियन टन उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का लगभग 35.27 प्रतिशत है और इसे देश के प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में स्थापित करता है। राज्य में मूंगफली का उत्पादन 1.55 मिलियन टन रहा जो कि देश के कुल उत्पादन का 12.99 प्रतिशत रहा। मूंगफली उत्पादन में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है।
योजनाओं का हो रहा सफल संचालन
मध्यप्रदेश में केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि विकास योजनाओं रासायनिक उर्वरकों का वितरण, पौध संरक्षण कार्यक्रम, मांग आधारित कृषि के लिए फसलों का विविधीकरण, एक जिला-एक उत्पाद योजना, मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन, कृषि उत्पादक संगठनों का गठन एवं संवर्धन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, भावांतर भुगतान, रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना आदि का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। परिणामस्वरूप राज्य को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है। कुल उत्पादन में वृद्धि हुई है।