बिहार की राजनीति में आज यानी गुरुवार का दिन काफी हलचल मचाने वाला रहा, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित एनडीए के पांच उम्मीदवारों ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भी विधानसभा परिसर में मौजूद रहे।
By: Arvind Mishra
Mar 05, 20263:07 PM

पटना। स्टार समाचार वेब
बिहार की राजनीति में आज यानी गुरुवार का दिन काफी हलचल मचाने वाला रहा, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित एनडीए के पांच उम्मीदवारों ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भी विधानसभा परिसर में मौजूद रहे। नामांकन के दौरान एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और विधायक भी उपस्थित रहे। विधानसभा परिसर में समर्थकों की काफी भीड़ देखी गई। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने वालों में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। तीनों राष्ट्रीय अध्यक्षों का एक साथ राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करना बिहार की राजनीति में एक अनोखा और ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
नामांकन के दौरान दिखी एनडीए की एकजुटता
जदयू की ओर से केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और भाजपा के प्रदेश महामंत्री शिवेश कुमार ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह, मंत्री बिजेंद्र यादव, श्रवण कुमार सहित एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। विधानसभा परिसर में गठबंधन के नेताओं और कार्यकतार्ओं में खासा उत्साह देखने को मिला। नेताओं ने इसे एनडीए की मजबूती और एकजुटता का प्रतीक बताया।
राज्यसभा चुनाव की आगे की प्रक्रिया
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच छह मार्च को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि नौ मार्च निर्धारित की गई है। यदि जरूरत पड़ी तो 16 मार्च को मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह नौ बजे से दोपहर चार बजे तक होगा और उसी दिन शाम पांच बजे से मतगणना शुरू की जाएगी।
इन सदस्यों का खत्म हो रहा कार्यकाल
बिहार से जिन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा है, उनमें अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेमचंद गुप्ता, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह शामिल हैं। ऐसे में राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में पहले से ही सरगर्मी बनी हुई है और इस नामांकन ने इसे और भी तेज कर दिया है।
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