भारतीय चुनाव आयोग आज यानी रविवार को पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करेगा। शाम 4-5 बजे के बीच चुनाव आयोग इस चुनावी कार्यक्रम को लेकर विज्ञान भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा।
By: Arvind Mishra
Mar 15, 202610:27 AM

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
इस बार पूरे देश की निगाहें खास तौर पर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल पर टिकी हुई हैं, जहां सत्ता की जंग बेहद दिलचस्प और कड़ी होने की संभावना है। वहीं असम भी राजनीतिक दृष्टि से अहम रणभूमि बन चुका है। भारतीय चुनाव आयोग आज यानी रविवार को पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करेगा। शाम 4-5 बजे के बीच चुनाव आयोग इस चुनावी कार्यक्रम को लेकर विज्ञान भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। दरअसल, चुनाव आयोग इस बार कम चरणों में मतदान प्रक्रिया पूरी करने पर विचार कर रहा है। जैसे ही तारीखों का ऐलान होगा, इन सभी राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएगी। साल 2021 के चुनावों की तुलना में इस बार मतदान के चरणों की संख्या कम रहने की संभावना है।
बंगाल में सुरक्षा के सख्त इंतजाम
पिछली बार पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान हुआ था, लेकिन इस बार इसे कम करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती में भारी बढ़ोतरी की जाएगी। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष और हिंसा मुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
मई में समाप्त होगा कार्यकाल
असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अंतिम मतदाता सूची के खिलाफ अपील करने की अवधि समाप्त हो चुकी है। चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियों की समीक्षा पूरी कर ली है। अब केवल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून 2026 के बीच समाप्त हो रहा है, जिसे देखते हुए अप्रैल-मई में मतदान संपन्न होने की पूरी उम्मीद है।
चुनाव आयुक्त ने किया था बंगाल का दौरा
कुछ समय पहले ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग के उच्च स्तरीय दल ने हाल ही में कोलकाता का दौरा किया था। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए जमीनी हकीकत को परखना था। दौरे के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विनीत जोशी भी मौजूद रहे। आयोग की इस फुल बेंच ने राज्य के तमाम राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ गहन चर्चा की। इस बैठक में चुनावी कार्यक्रम, सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष मतदान को लेकर दलों के सुझावों और चिंताओं पर विस्तार से बात हुई।