सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर जमीन पर खड़े अमेरिकी वायुसेना के पांच रिफ्यूलिंग विमानों पर हमला हुआ और वे क्षतिग्रस्त हो गए। इस बात की जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी।

इन हमलों में किसी की जान नहीं गई।
सऊदी अरब में अमेरिकी बेस पर ईरान ने दागीं मिसाइलें
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर जमीन पर खड़े अमेरिकी वायुसेना के पांच रिफ्यूलिंग विमानों पर हमला हुआ और वे क्षतिग्रस्त हो गए। इस बात की जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी। मीडिया रिपोर्ट में बताया कि हाल के दिनों में सऊदी बेस पर ईरानी मिसाइल हमले के दौरान जिन विमानों को निशाना बनाया गया था, उन्हें नुकसान तो पहुंचा था लेकिन वे पूरी तरह नष्ट नहीं हुए थे और अब उनकी मरम्मत की जा रही है। इन हमलों में किसी की जान नहीं गई।
ईराक में दुर्घटनाग्रस्त हुआ अमेरिकी विमान
वहीं, अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को बताया कि पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी सेना के केसी-135 रिफ्यूलिंग विमान में सवार सभी छह क्रू सदस्यों की मौत की पुष्टि हो गई है। गुरुवार को पश्चिमी इराक में एक रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सेना ने बताया कि इस घटना में एक अन्य विमान भी शामिल था, लेकिन यह किसी शत्रु या मित्र पक्ष की गोलीबारी का नतीजा नहीं था।
ईरान के खिलाफ जारी रहेगी अमेरिकी स्ट्राइक
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान जारी रहेंगे। हेगसेथ ने कहा, युद्ध एक नरक है। युद्ध एक अफरा-तफरी है। जैसा कि हमने कल अपने केसी-135 टैंकर के दुखद हादसे में देखा, बुरी चीजें हो सकती हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना में शामिल दूसरा विमान, जो सुरक्षित रूप से उतर गया था, वह भी एक सैन्य रीफ्यूलिंग विमान था जिसे केसी-135 के नाम से जाना जाता है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष सातवें आसमान पर
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया पिछले 15 दिनों से बारूद की ढेर पर खड़ा है। इसकी शुरूआत 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले के साथ शुरू हुई थी, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत भी हो गई थी। इसके बाद से ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई के तौर पर इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर खूब बमबारी की, जिसके बाद से पश्चिम एशिया में तनाव सातवें आसमान पर पहुंच गया है और इसका असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है।


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ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई का बचाव किया है। फ्लोरिडा के एक स्कूल में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर ईरान परमाणु हथियार बना लेता, तो इस्राइल, पश्चिम एशिया और यूरोप पूरी तरह तबाह हो जाते और इनके टुकड़े-टुकड़े हो जाते।
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