रिजर्व बैंक की एमपीसी की बैठक शुक्रवार को खत्म हो गई। इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर फैसला लिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट घटा दिया है। अब रेपो रेट 5.50 प्रतिशत से कम होकर 5.25 फीसदी हो गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि रेपो रेट में कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

रिजर्व बैंक की एमपीसी की बैठक शुक्रवार को खत्म हो गई।
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
रिजर्व बैंक की एमपीसी की बैठक शुक्रवार को खत्म हो गई। इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर फैसला लिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट घटा दिया है। अब रेपो रेट 5.50 प्रतिशत से कम होकर 5.25 फीसदी हो गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि रेपो रेट में कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी। आरबीआई के इस कदम से आपके होम लोन की ईएमआई कम हो जाएगी। साथ ही बैंक कम रेट पर लोन आफर कर सकते हैं। मल्होत्रा ने कहा-पिछला महीना हमारे लिए बड़ी चुनौती भरा रहा है, लेकिन अब आगे का महीने जीडीपी से लेकर महंगाई तक अच्छा रहने वाला है। पूरे साल के लिए महंगाई को लेकर हमारा अनुमान 2 फीसदी का है। दूसरी तिमाही में रीयल जीडीपी ग्रोथ 8.2 फीसदी रही है। इस वित्त वर्ष के पहले छमाही में जीडीपी ग्रोथ 8 फीसदी रहने का अनुमान है।
बैंक दर 5.75 फीसदी पर बरकरार
एमपीसी सदस्यों ने सर्वसम्मति से रेपो दर में 25 बेसिस पॉइंट की कटौत की गई है। सीआरआर 3 फीसदी पर रखा गया है, जबकि एसडीएफ दर 5.25 फीसदी, एमएसएफ दर 5.75 प्रतिशत और बैंक दर 5.75 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। आरबीआई ने लिक्विडिटी सपोर्टिव उपायों की एक चेन का ऐलान किया, जिसमें 1 लाख करोड़ रुपए की ओएमओ बाइंग और 5 बिलियन डॉलर की 3 वर्षीय यूएसडी-आईएनआर स्वैप शामिल है। यह दोनों दिसंबर के लिए तय हैं।
रेपो रेट में लगातार कटौती
आरबीआई ने 2025 में रेपो रेट में लगातार 4 बार कटौती की है। फरवरी में आरबीआई ने 25 बेसिस पॉइंट रेपो रेट कट किया था, फिर अप्रैल में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई और जून में इस साल की सबसे बड़ी 50 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई थी। अब एक बार फिर 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई है। कुल मिलाकर इस साल रेपो रेट में 125 बेसिस पॉइंट या 1.25 फीसदी रेपो रेट की कटौती हुई है। वहीं इस साल की कटौती से पहले रेपो रेट की दरें दो बार स्थिर रहीं थी। हालांकि अब रेपो रेट 6.50 फीसदी से कम होकर 5.25 फीसदी पर आ चुका है।
रेपो रेट के घटने से हाउसिंग डिमांड बढ़ेगी
ताजा कटौती के बाद 20 साल के 20 लाख रुपए के लोन पर ईएमआई 310 रुपए तक घट जाएगी। इसी तरह 30 लाख रुपए के लोन पर ईएमआई 465 रुपए तक घट जाएगी। नए और मौजूदा ग्राहकों दोनों को इसका फायदा मिलेगा। रेपो रेट घटने के बाद बैंक भी हाउसिंग और आटो जैसे लोन्स पर ब्याज दरें कम करते हैं। ब्याज दरें कम होने पर हाउसिंग डिमांड बढ़ेगी। ज्यादा लोग रियल एस्टेट में निवेश कर सकेंगे। इससे रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट मिलेगा।
इस तरह होगी लोन पर बचत
1. 25 लाख का लोन, 15 साल के लिए, 8.5 फीसदी ब्याज दर पर
अभी ईएमआई: 24,618 रुपए
कटौती के बाद 8.25 फीसदी पर ईएमआई: 24,254 रुपए
अभी कुल ब्याज: 19,31,328 रुपए
कटौती के बाद 8.25 फीसदी पर कुल ब्याज: 18,65,632 रुपए
लोगों की बचत: 65,696 रुपए
2. 50 लाख का लोन, 20 साल के लिए, 8.5 फीसदी ब्याज दर पर
अभी ईएमआई: 43,391 रुपए
कटौती के बाद 8.25 फीसदी पर ईएमआई: 42,603 रुपए
अभी कुल ब्याज: 54,13,879 रुपए
कटौती के बाद 8.25 फीसदी पर कुल ब्याज: 52,24,788 रुपए
लोगों की बचत: 1,89,091 रुपए
3. 75 लाख का लोन, 25 साल के लिए, 8.5 फीसदी ब्याज दर पर
अभी ईएमआई: 60,392 रुपए
कटौती के बाद 8.25 फीसदी पर ईएमआई: 59,134 रुपए
अभी कुल ब्याज: 1,06,17,609 रुपए
कटौती के बाद 8.25 फीसदी पर कुल ब्याज: 1,02,40,128 रुपए
लोगों की बचत: 3,77,481 रुपए


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टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में दरार आ गई है। सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने बिना सलाह के फैसले लेने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।