मध्यप्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने शासकीय विभागों, निगमों और निकायों द्वारा विभिन्न प्रयोजनों के लिए अनुबंधित किए जाने वाले वाहनों के संबंध में नवीन निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार अब बगैर वैध दस्तावेजों के किसी भी वाहन को शासकीय कार्यालयों में उपयोग में नहीं लिया जाएगा।

दस्तावेजों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने शासकीय विभागों, निगमों और निकायों द्वारा विभिन्न प्रयोजनों के लिए अनुबंधित किए जाने वाले वाहनों के संबंध में नवीन निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार अब बगैर वैध दस्तावेजों के किसी भी वाहन को शासकीय कार्यालयों में उपयोग में नहीं लिया जाएगा। शासकीय विभागों द्वारा सीधे अथवा निजी एजेंसियों के माध्यम से उपयोग में लाए जाने वाले मालवाहक एवं यात्री वाहनों के सभी वैधानिक दस्तावेज अनुबंध से पूर्व और वाहन उपयोग की संपूर्ण अवधि के दौरान वैध होना अनिवार्य होगा। विभागों को भुगतान से पहले भी इन दस्तावेजों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मोटरयान कर भी देना होगा
परिवहन विभाग ने यह भी निर्देश दिए है कि खनिज अथवा अन्य सामग्री के परिवहन के लिए जारी की जाने वाली अनुमति संबंधित वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुबंधित वाहनों द्वारा नियमानुसार मोटरयान कर का भुगतान किया गया होना चाहिए।
ई-मेल से मिल जाएगा मार्गदर्शन
सभी विभागों, निगमों एवं निकायों को यह सुविधा प्रदान की गई है कि वे अपने यहां अनुबंधित अथवा एजेंसियों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे वाहनों के संबंध में परिवहन आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश, ग्वालियर से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए ई-मेल आईडी पर पत्र प्रेषित किया जा सकता है।
दरकार...फिटनेस भी खत्म... फिर भी दौड़ रहीं बस

इधर, मप्र में 2008 में शुरू हुई निजी परिवहन सेवा पटरी पर नहीं लौट पा रही है, आए दिन हादसे हो रहे हैं। 2025 में गुना बस हादसे ने सबको हिलाकर रख दिया है। हादसे में 13 लोग जिंदा जल गए, सभी स्तब्ध रह गए। हादसे के बाद प्रदेश भर में संचालित बसों का चेकिंग अभियान भी चलाया गया। मोटर व्हीकल एक्ट का पालन किए बगैर दौड़ रहीं बसों पर कार्रवाई करने का दावा भी किया गया। लेकिन कुछ दिन बाद सब अभियान ठंडे हो गए।
किसी के टायर घिसे तो इमरजेंसी गेट नहीं लगा
भोपाल से नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, ब्यावरा, गुना, धार, झाबुआ, रायसेन, सागर सहित विभिन्न शहरों के लिए चल रहीं हजारों बसों में से कई बसों के टायर घिसे हैं, किसी में साइड ग्लास नहीं है तो कई बसों में बैक लाइट फूटी है। इतना नहीं, इमरजेंसी गेट और पीछे के गेट पर अधिक सवारी बैठाने के लिए सीटें लगा ली गई हैं। इतना ही नहीं, बसों में फर्स्ट एंड बाक्स और अग्निशमन यंत्र सिर्फ नाम के लिए लगे हैं। बाक्स में दवाएं और मरहम पट्टी तक नहीं रहती हैं।


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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज यानी मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में मुख्य रूप से दलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। इसी तरह 38555 करोड़ के विकास कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। भोपाल के समीप इलेक्ट्रॉनिक कलस्टर बनाया जा रहा है।
मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में आज सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कटनी से जबलपुर आ रही तेज रफ्तार यात्री बस गोसलपुर के पास हादसे का शिकार हो गई। हादसे में 50 से अधिक यात्री घायल हुए हैं, जिनमें 6 की हालत गंभीर है।
मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में स्थित महाकोशल सुगर मिल बचई परिसर में स्थित इथेनॉल प्लांट में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक भीषण हादसा हो गया, जिसमें दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना रात करीब 1.30 बजे की बताई जा रही है, जब प्लांट में अचानक हड़कंप मच गया।
मध्यप्रदेश के दमोह जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग से जुड़े तीन कर्मचारियों को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। बीती देर शाम पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने जबलपुर रोड पर हुई इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया।
रीवा में नीट यूजी परीक्षा के दौरान सख्ती इतनी रही कि छात्राओं को फुलिया उतरवाने के लिए सुनार बुलाना पड़ा। जूते, गहने और कई वस्तुएं बाहर रखवाकर ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया।
विंध्य विकास प्राधिकरण में नियुक्तियों के बाद भाजपा में खुशी के साथ असंतोष भी दिखा। समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित मान रहे हैं, जबकि बिना कार्यालय और बजट के विकास कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा में तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी, हादसे में महिला की मौत और पति घायल हुआ। आक्रोशित परिजनों ने सड़क जाम किया, प्रशासन ने मुआवजा और सहायता का आश्वासन दिया।
सीधी जिले में एनएच-39 पर युवक को वाहन ने टक्कर मारकर फिर कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने हत्या जैसे आरोप लगाए हैं, जबकि चालक बिना लाइसेंस बताया जा रहा, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सतना जिले में नरवाई जलाने के मामलों पर सैटेलाइट मॉनिटरिंग से कार्रवाई हुई। आठ किसानों को नोटिस और छह को कोर्ट में पेशी के निर्देश दिए गए, फिर भी प्रशासनिक सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना जिले में मातृ मृत्यु के मामले बढ़कर 37 पहुंचे, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को दर्शाते हैं। एनीमिया, हाई बीपी और समय पर इलाज न मिलने से अधिकतर मौतें हुईं, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बनी।