सतना जिले में नरवाई जलाने के मामलों पर सैटेलाइट मॉनिटरिंग से कार्रवाई हुई। आठ किसानों को नोटिस और छह को कोर्ट में पेशी के निर्देश दिए गए, फिर भी प्रशासनिक सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले में नरवाई जलाने के मामलों पर प्रशासन ने कागजी सख्ती दिखाई है। सैटेलाइट मॉनिटरिंग से सामने आए मामलों की मैदानी जांच के बाद आठ किसानों को नोटिस जारी कर 6 को न्यायालय में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। यह सब 30 अप्रैल को हुआ लेकिन नोटिस के कागज रविवार को सामने आए। यह तब हुआ जब स्टार समाचार ने अपने 3 मई के अंक में सतना-रीवा में रिकॉर्ड केस... शीर्षक से इस बात को उठाया था। जानकारी के मुताबिक जिले में नरवाई जलाने पर पूर्ण रोक है इसके बावजूद नागौद तहसील के कई गांवों में खेतों में आग लगाने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन को सैटेलाइट से मिली जानकारी के आधार पर ग्राम शहपुर और खखरौधा में ऐसे मामलों की पुष्टि की। इसके बाद राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में नरवाई जलाने की पुष्टि होने पर प्रशासन ने संबंधित भू-स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इस नोटिस में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नागौद ने रामप्रसाद ढीमर पिता विशुन्धा ग्राम शहपुर, ओमप्रकाश पिता रामाऔतार ग्राम शहपुर, रामप्रकाश पिता रामाऔतार ग्राम शहपुर, जीवनलाल पिता भगवानदीन नाई ग्राम शहपुर, जयलाल पिता भइया लाल नाई ग्राम शहपुर और विश्वनाथ पिता रामसेवक ग्राम शहपुर खखरौधा गांव के अवधेश कुर्मी पिता सोनेलाल कुर्मी और नरेश कुर्मी पिता सोनेलाल कुर्मी को भी नोटिस थमाया है। गौरतलब है कि 9 मार्च को कलेक्टर ने धान एवं गेहूं की कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया है।
अलग- अलग दिन जलाई नरवाई
डाटा के आधार पर संबंधित किसानों द्वारा अलग-अलग दिनांकों एवं आराजी नम्बर में तहसील नागौद अंतर्गत में नरवाई जलाने की घटना दर्ज की गई। मैदानी जांच में यह मामला सत्य पाया गया। जांच में सामने आया कि किसानों द्वारा अपने-अपने खेतों में नरवाई जलाई गई, जो कि शासन के आदेश का उल्लंघन है। प्रशासन ने इसे दंडनीय अपराध मानते हुए संबंधित व्यक्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में संबंधित किसानों को 6 मई को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित तिथि पर उपस्थित न होने या संतोषजनक जवाब न देने पर एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए दंडात्मक आदेश पारित किए जाएंगे।
मुख्य सचिव कर चुके समीक्षा
मुख्य सचिव ने पिछले दिनों समीक्षा की थी जिसमें सतना और मैहर जिला की नरवाई की घटनाओं पर भी चर्चा की गई थी लेकिन यहां के जिम्मेदार यह बात हमेशा की तरह हजम कर गए। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां के कृषि विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग रही कि कहां कहां नरवाई जल रही है। जबकि पड़ोसी जिला जबलपुर में यही विभाग सक्रिय नजर आ रहा है।
एक नजर में नरवाई
जिला 2025 2026
सतना 434 571
मैहर 000 124
(29 अप्रैल की स्थिति में)

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रीवा में तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी, हादसे में महिला की मौत और पति घायल हुआ। आक्रोशित परिजनों ने सड़क जाम किया, प्रशासन ने मुआवजा और सहायता का आश्वासन दिया।
सीधी जिले में एनएच-39 पर युवक को वाहन ने टक्कर मारकर फिर कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने हत्या जैसे आरोप लगाए हैं, जबकि चालक बिना लाइसेंस बताया जा रहा, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सतना जिले में नरवाई जलाने के मामलों पर सैटेलाइट मॉनिटरिंग से कार्रवाई हुई। आठ किसानों को नोटिस और छह को कोर्ट में पेशी के निर्देश दिए गए, फिर भी प्रशासनिक सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना जिले में मातृ मृत्यु के मामले बढ़कर 37 पहुंचे, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को दर्शाते हैं। एनीमिया, हाई बीपी और समय पर इलाज न मिलने से अधिकतर मौतें हुईं, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बनी।
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