मध्यप्रदेश में सरकार की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की सफलता धरातल पर दिखने लगी है। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि निजी-सरकारी कॉलेजों के आंकड़े खुद ही बयां कर रहे हैं। यहां खास बात यह है कि बच्चों की अपेक्षा बच्चियां उच्च शिक्षा के मामले में आगे हैं।

मध्य प्रदेश के कॉलेजों में एडमिशन लेने में छात्राओं की रुचि।
मध्यप्रदेश में सरकार की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की सफलता धरातल पर दिखने लगी है। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि निजी-सरकारी कॉलेजों के आंकड़े खुद ही बयां कर रहे हैं। यहां खास बात यह है कि बच्चों की अपेक्षा बच्चियां उच्च शिक्षा के मामले में आगे हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश के निजी और सरकारी कालेजों में यूजी-पीजी पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। इस बार भी कालेज में प्रवेश लेने में बेटियां हैं। इस बार यूजी-पीजी में 61 प्रतिशत छात्राएं और 39 प्रतिशत छात्रों ने मनपसंद कालेजों में दाखिला लिया है। इस साल यूजी-पीजी में 2.72 लाख छात्राओं ने प्रवेश लिया है। इतना ही नहीं, छात्राएं प्रवेश लेने के लिए नामांकन, च्वाइस फिलिंग और सत्यापन में भी आगे हैं। इसका प्रमुख कारण छात्राओं के लिए पंजीयन फ्री और कई योजनाओं का संचालित होना भी है। इसके साथ ही छात्राओं के पास होने का प्रतिशत भी अधिक है। छात्राओं के लिए शासन की ओर से प्रतिभा किरण योजना, एकल बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, गांव की बेटी योजना सहित अन्य कई योजनाएं हैं। इस कारण छात्राओं का कॉलेज में प्रवेश लेने में संख्या अधिक है। उच्च शिक्षा विभाग की यूजी-पीजी की दो मुख्य चरण व दो अतिरिक्त कॉलेज लेवल काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जहां यूजी में अब तक 3.47 लाख और पीजी में 96 हजार विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
यूजी-पीजी में छात्र-छात्राओं का प्रवेश - 4.44 लाख
यूजी और पीजी में छात्राओं की संख्या - 2.72 लाख
यूजी और पीजी में छात्रों की संख्या - 1.71 लाख
यूजी में छात्राओं की संख्या - 2.04 लाख
यूजी में छात्रों की संख्या - 1.42 लाख
पीजी में छात्राओं की संख्या - 68 हजार
पीजी में छात्रों की संख्या - 28 हजार


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।