मध्यप्रदेश सरकार छह दशक बाद सरकारी नौकरी के लिए सेवा की सामान्य शर्तें बदलने जा रही है। 1961 की सेवा शर्तों में महिला अपराध में दोषी सिद्ध होने वाले व्यक्ति को सरकारी नौकरी के लिए अपात्र माना गया था, लेकिन अब नैतिक पतन को इसमें शामिल किया गया है ।

परिवीक्षा अवधि और स्थायीकरण को लेकर अहम फैसला
एमपी सरकारी सेवा की सामान्य शर्तें 1961 में बड़ा बदलाव
प्रोबेशन पीरियड और वरिष्ठता पर सरकार का सख्त विन्यास
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश सरकार छह दशक बाद सरकारी नौकरी के लिए सेवा की सामान्य शर्तें बदलने जा रही है। 1961 की सेवा शर्तों में महिला अपराध में दोषी सिद्ध होने वाले व्यक्ति को सरकारी नौकरी के लिए अपात्र माना गया था, लेकिन अब नैतिक पतन को इसमें शामिल किया गया है यानी हत्या, भ्रष्टाचार सहित अन्य गंभीर अपराध में दोष सिद्ध होने पर भी पात्रता नहीं रहेगी। दरअसल, परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन) समाप्त करने को लेकर भी यह स्पष्ट कर दिया गया है कि निर्धारित अवधि समाप्त होने पर अधिकतम छह माह के भीतर निर्णय लेना होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो यह मान लिया जाएगा कि कोई आपत्ति नहीं है और संबंधित को शासकीय सेवा में स्थायी कर दिया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि एक से अधिक जीवित जीवनसाथी होने पर सरकारी नौकरी के लिए अपात्रता रहेगी। हालांकि, विशेष कारण होने पर इसमें सरकार छूट दे सकती है। स्वास्थ्य परीक्षण में उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा। यदि किसी को स्वास्थ्य परीक्षण में अयोग्य घोषित कर दिया तो कोई भी इसकी अनदेखी नहीं कर सकेगा। इसमें किसी को विवेकाधिकार से निर्णय का अधिकार भी नहीं होगा। दो बच्चे से अधिक होने पर सेवा समाप्ति का प्रावधान यथावत रखा गया है।
नियमों में स्पष्टता के लिए नया प्रारूप तैयार
प्रदेश में शासकीय सेवा के लिए सामान्य सेवा शर्तें 1961 में निर्धारित की गई थीं। बीच-बीच में कुछ संशोधन हुए मगर विभागों को असमंजस रहता था और वे सामान्य प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन मांगते थे। इस प्रक्रिया में अनावश्यक समय लगता था। इसे देखते हुए सरकार ने नियम में स्पष्टता के लिए नए सिरे से नियम बनाने का निर्णय लिया। विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने प्रारूप तैयार करके 15 जून तक सुझाव मांगे हैं ताकि इन्हें जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाए।
वरिष्ठता और पदोन्नति का नया विन्यास
वहीं, वरिष्ठता का निर्धारण चयन सूची में क्रम के अनुसार होगा न कि पदभार ग्रहण करने के आधार पर यानी जुलाई में यदि चयन होता है और कुछ अगस्त तो कुछ सितंबर में पदभार ग्रहण करते हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वरिष्ठता सह उपयुक्तता के आधार पर पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाए गए व्यक्तियों की वरिष्ठता वही होगी जैसे उस संवर्ग में है, जिससे पदोन्नति की जाती है। परिवीक्षा अवधि को लेकर यह निर्धारित किया है कि जो अवधि शासन द्वारा निर्धारित की गई है, उसमें स्थायी करने या न करने को लेकर निर्णय लेना ही होगा।

भोपाल के रायसेन रोड चौड़ीकरण के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 70 दुकानें और 42 झुग्गियां हटा दी हैं। ₹40 करोड़ की 43 हजार वर्गफीट जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, जहां फोरलेन और ब्रिज बनेगा। कांग्रेस ने इस कार्रवाई का विरोध किया है।
मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए भाजपा उम्मीदवारों ने आज विधानसभा में नामांकन दाखिल किया। सीएम ने दोनों के नामांकन पत्र प्रस्तुत कराए। नामांकन से पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
मध्यप्रदेश सरकार छह दशक बाद सरकारी नौकरी के लिए सेवा की सामान्य शर्तें बदलने जा रही है। 1961 की सेवा शर्तों में महिला अपराध में दोषी सिद्ध होने वाले व्यक्ति को सरकारी नौकरी के लिए अपात्र माना गया था, लेकिन अब नैतिक पतन को इसमें शामिल किया गया है ।
मैहर-बेला राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार जीप डिवाइडर से टकराकर खाई में गिर गई। हादसे में चालक और 8 वर्षीय बालिका की मौत हो गई, जबकि नौ लोग घायल हुए। एक महिला की हालत गंभीर बताई गई है।
नागौद नगर पंचायत वार्ड-13 उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार मुस्ताक अहमद ने कांग्रेस प्रत्याशी को 67 मतों से हराया। भाजपा तीसरे स्थान पर रही। परिणाम ने स्थानीय राजनीति और दलों की चुनावी रणनीति पर नए सवाल खड़े किए हैं।
कलेक्टर ने सीमांकन के लंबित प्रकरण 15 जून तक निपटाने और फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिले की प्रगति राज्य औसत से काफी कम पाई गई, जबकि कई क्षेत्रों में रजिस्ट्री कार्य बेहद धीमा है।
सतना के अधिकांश अस्पताल, होटल और लॉज बिना फायर एनओसी संचालित हो रहे हैं। लगातार अग्निकांडों के बाद नगर निगम ने विशेष जांच दल गठित कर फायर सुरक्षा मानकों की जांच और सख्ती बढ़ाने की तैयारी की है।
प्रदेशव्यापी हड़ताल के तीसरे दिन संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने सुंदरकांड पाठ और सद्बुद्धि यज्ञ कर सरकार से लंबित मांगों के समाधान की अपील की। हड़ताल से पोषण पुनर्वास केंद्रों और आरोग्य मंदिरों का काम प्रभावित हुआ।
सतना जिले के अमरपाटन और देवराजनगर में खसरा नियंत्रण एवं टीकाकरण समीक्षा के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी ने लापरवाह एएनएम के वेतन रोकने के निर्देश दिए। कई स्वास्थ्य केंद्रों में पद रिक्त होने से टीकाकरण प्रभावित है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 जून को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगी। आर. वेंकटरमण के बाद कार्यकाल के दौरान यहां आने वाली वे देश की दूसरी राष्ट्रपति होंगी। जानिए प्रशासनिक तैयारियों और इतिहास के बारे में।

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