मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज यानी मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। जहां मध्यप्रदेश के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें धार की भोजशाला में सरस्वती लोक बनाने पर फैसला हुआ। इसके साथ ही गोरस एप शुरू करने पर भी निर्णय लिया गया।

बड़ा फैसला-धार भोजशाला में अब बनेगा सरस्वती लोक
48.32 लाख ग्रामीणों को बैंक लोन लेने में होगी आसानी
दस्तावेज उपलब्ध कराने सरकार 3800 करोड़ खर्च करेगी
मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले
मध्यप्रदेश जल गंगा अभियान पर 6.5 हजार करोड़ रुपए खर्च
पहली से आठवीं तक के बच्चों को सरकार देगी सिली हुई ड्रेस

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज यानी मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। जहां मध्यप्रदेश के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें धार की भोजशाला में सरस्वती लोक बनाने पर फैसला हुआ। इसके साथ ही गोरस एप शुरू करने पर भी निर्णय लिया गया। जल गंगा संवर्धन अभियान में दो लाख संरचनाओं पर काम हुआ है, इसके लिए साढ़े छह हजार करोड़ दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज की तीन योजनाओं को निरंतर 5 साल के लिए दी गई, संबद्ध अस्पतालों के लिए 14000 करोड़ रखे गए हैं। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के पट्टाधारियों को सरकार रजिस्टर्ड दस्तावेज देगी। प्रदेश में 48.32 लाख पट्टाधारियों को लाभ मिलेगा। पट्टाधारियों को रजिस्टर्ड दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए सरकार 3800 करोड़ खर्च करेगी। संपत्ति के रजिस्टर्ड दस्तावेज मिलने से बैंक लोन लेना आसान होगा। हर व्यक्ति को रजिस्ट्री करके दस्तावेज प्राप्त होगा। मध्य प्रदेश देश में ऐसा करने वाला पहला राज्य बनेगा यह कैबिनेट में निर्णय लिया गया।
प्रमाण पत्र पर नहीं मिल रहा था बैंक से लोन
काश्यप ने बताया कि केंद्र सरकार की स्वामित्व अधिकार की योजना थी। ड्रोन कैमरों से अधिकार क्षेत्रों की सीमा तय की थी। जिसमें प्रदेश के 48 लाख 32 हजार पट्टेधारियों को चिहिन्त किया था, लेकिन उन्हें प्रमाण पत्र पर बैंक से लोन लेने में तकलीफ आ रही थी। पूरी कार्रवाई के बाद प्रदेश के सभी 55 जिलों में 48.32 लाख निजी लोग चिह्नित किए गए हैं, जबकि 19 लाख शासकीय संपत्ति चिह्नित की गई है। इन सबको रजिस्ट्री के दस्तावेज देने का फैसला किया गया। इसमें लगने वाला पंचायत उपकर और पंजीयन शुल्क सरकार वहन करेगी।
अन्य शुल्क राजस्व विभाग देगा
मंत्री चैतन्य काश्यप ने आगे बताया कि अब सरकार ने उन्हें रजिस्टर्ड दस्तावेज देने का प्लान मंजूर किया है। इसमें उनके पंजीयन शुल्क, पंचायतों के उप कर सहित अन्य शुल्क राजस्व विभाग वहन करेगा। करीब 3800 करोड़ रुपए से अधिक राजस्व विभाग खर्च करेगा।
स्कूल ड्रेस के लिए जारी होगा टेंडर
जिला न्यायालय भवन इंदौर बन रहा है। 626 करोड रुपए पुनरीक्षित लागत को प्रशासकी स्वीकृति दी गई है, पहले यह 430 करोड थी। पहले से आठवीं तक के बच्चों को दो ड्रेस के 600 रुपये डीबीटी के माध्यम से दिए जा रहे थे। यह देखने में आ रहा था कि ग्रामीण क्षेत्रों में उस तरह का कपड़ा मिलना और सिलाई की बराबर व्यवस्था न होने से अवस्था बढ़ रही है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि बच्चों के लिए ड्रेस सरकार से तैयार करके देगी। इसके लिए टेंडर किए जाएंगे और इनमें मध्य प्रदेश के वस्त्र उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
गेहूं खरीदी और यूसीसी पर चर्चा...मुख्यमंत्री का अभिनन्दन

कैबिनेट बैठक में गेहूं खरीदी को लेकर भी चर्चा हुई। इसमें बताया गया कि देश में सबसे अधिक गेहूं खरीदी का काम एमपी ने किया है। इसके अलावा यूसीसी को लेकर भी चर्चा हुई। बताया गया कि सुझाव लेने का काम 30 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में गेहूं उपार्जन के नए रिकॉर्ड बनने पर मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनन्दन किया।


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