सतना में दस घंटे की तेज बारिश से चार इंच से अधिक पानी बरसा। उमरी, भरहुत नगर, मास्टर प्लान सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
बुधवार की सुबह से शुरू हुई तेज बारिश ने शहर और ग्रामीण इलाकों में परेशानी बढ़ा दी। करीब दस घंटे में 4 इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया। उमरी, मास्टर प्लान, भरहुत नगर और एमपी नगर की कॉलोनियां पानी में डूब गईं। कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोग अपना सामान बचाने में जुटे रहे। सिविल लाइन स्थित कोर्ट भवन में भी बारिश का पानी भर गया। भरहुत नगर में भाजपा कार्यालय के सामने नाले का बहाव अचानक तेज हो गया। इसी दौरान एक युवक बाइक समेत नाले में बह गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत रस्सी डालकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। तेज बहाव के कारण इलाके में कुछ देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
चार वार्डों में सबसे ज्यादा असर
शहर के वार्ड नंबर 2 उमरी, वार्ड नंबर 4 मास्टर प्लान, 7 भरहुत नगर और 6 एमपी नगर में बारिश का सबसे ज्यादा असर दिखा। सड़कों पर पानी भरने से कई जगह यातायात प्रभावित हुआ। भाजपा कार्यालय, सर्किट हाउस और बम्हनगवां के आसपास के निचले इलाकों में भी पानी भर गया। दो से तीन फीट पानी जमा होने से लोगों को घरों और दुकानों से सामान निकालने में परेशानी हुई।
जुगलपुर के पास पुलिया धंसी
खोही रोड से पालदेव मार्ग पर जुगलपुर के पास पुलिया धंस गई। इससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है, वहीं कोटर तहसील क्षेत्र में सेमरावल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर एक बार फिर पुल तक पहुंच गया। नदी का पानी बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है।
रगौली-सुहास की बस्तियों में घुसा पानी
कोटर तहसील के रगौली और सुहास गांव में सेमरावल नदी का पानी बस्तियों तक पहुंच गया। कई घरों में पानी घुस गया, तेज बहाव में ट्रैक्टर समेत अन्य वाहन भी पानी में डूब गए। लगातार बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बारिश जारी रहने पर नदी किनारे बसे गांवों में हालात और बिगड़ने की आशंका है।
पुष्पराज कॉलोनी में जल भराव की स्थिति
शहर की पुष्पराज कॉलोनी में जलभराव की गंभीर समस्या को देखते हुए एसडीएम रघुराजनगर राहुल सिलाड़िया तथा सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने स्थल निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जल निकासी को सुगम बनाने के लिए तत्काल नाले एवं नालियों की सफाई कराने के सख्त निर्देश दिए।
बम्हनगवां की गलियां भी पानी में डूबीं
बम्हनगवां की गली नंबर एक और दो में भी पानी भर गया। गलियों में जलभराव के कारण स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई लोगों को पानी के बीच से निकलकर जरूरी काम निपटाने पड़े। वहीं मास्टर प्लान वार्ड क्र. 4 और सतना बस स्टैंड क्षेत्र में भी जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
घरों में कैद हुए लोग, पानी उतरने का इंतजार
तेज बारिश के बाद कई जलभराव वाले इलाकों में लोगों की मुश्किलें घर की चौखट तक पहुंच गईं। मकानों के आसपास पानी भर जाने से कई परिवार घरों में ही फंसकर रह गए। बाहर निकलने का रास्ता पानी से घिर गया, वहीं घर के अंदर पानी घुसने से लोगों को अपने सामान और जरूरी चीजों को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद करनी पड़ी। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई। जरूरी काम से बाहर जाना हो या दवा और खाने-पीने की जरूरत हो, पानी से घिरी गलियों के कारण लोगों के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया। कई परिवारों को घंटों तक पानी कम होने का इंतजार करना पड़ा। भरहुत नगर सहित अन्य जलभराव वाले इलाकों में घरों और दुकानों में पानी पहुंचने से लोगों की चिंता और बढ़ गई। घर में रखा सामान खराब होने का डर, बिजली के उपकरणों की सुरक्षा और पानी के लगातार बढ़ते स्तर ने लोगों को परेशान कर दिया। दुकानदार अपने सामान को ऊंचाई पर रखने में जुटे रहे, जबकि रहवासी जरूरी सामान बचाने की कोशिश करते नजर आए। तेज बारिश ने शहर में सिर्फ जलभराव नहीं किया, बल्कि कई परिवारों को घंटों तक अपने ही घरों में सीमित कर दिया। ऐसे में प्रभावित लोगों को तत्काल जल निकासी और राहत की उम्मीद है।
अधिकारियों-कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार सतना जिले में आगामी 24 घंटे में 115 से 204 मिली मीटर तक भारी वर्षा के मद्देनजर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जिले के नागरिकों से सतर्क रहने, निचले और तटीय इलाकों के निवासियों को ऊंचे सुरक्षित स्थल पर पहुंचने तथा बाढ़ और नदी-नालों जलाशयों के निकट नहीं जाने की अपील की है। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
शहर से गांव तक जलनिकासी की चुनौती
लगातार बारिश ने एक बार फिर शहर से लेकर गांव तक जलनिकासी और बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था की चुनौती सामने ला दी है। निचले इलाकों में जलभराव के साथ नदी- नालों का जलस्तर बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।
मयूर विहार में घरों से निकलना मुश्किल
बरदाडीह में नगर निगम जोन कार्यालय के सामने स्थित मयूर विहार कॉलोनी पूरी तरह जलमग्न हो गई। सड़कों पर पानी भरने के साथ रहवासियों के सामने घर से बाहर निकलने की समस्या खड़ी हो गई। लोगों को जरूरी काम के लिए भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। घरों के आसपास जमा पानी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और दो पहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।
बदहाल सड़क ने बढ़ाई मुश्किल
भरहुत नगर में ड्रीम इंडिया के सामने वाली बदहाल सड़क पर भी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। सड़क पर जमा पानी और खराब सतह के कारण वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। दो पहिया वाहन चालकों के लिए पानी से भरी सड़क पर गुजरना जोखिम भरा रहा।

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मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। सीधी में लैंडस्लाइड से यूपी रूट बंद, छतरपुर में मकान गिरा और कई जिलों में भारी बारिश का रेड-ऑरेंज अलर्ट जारी। जानिए मौसम का ताजा हाल।
बालाघाट में PWD के PIU एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कमल किशोर सिंगारे के ठिकानों पर EOW की छापेमारी। 30 लाख के बिल पर 10 लाख कमीशन लेने और आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई।
बदवार में बस और बल्कर की जोरदार टक्कर से पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 घायल हुए। तीन की हालत गंभीर है। बस की बॉडी चेंचिस से अलग होकर पानी भरे गड्ढे में जा गिरी।
रीवा संभाग में मातृ-शिशु मृत्यु रोकने कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने डीपीओ-सीडीपीओ की जवाबदेही तय की। घर पर प्रसव रोकने, एएनसी जांच बढ़ाने और गंभीर गर्भवती महिलाओं को समयपूर्व अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए।
सीधी में लगातार बारिश से कैमूर पहाड़ पर अमिलिया-हनुमना मार्ग चार स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ। सड़क धंसने से रास्ता संकरा हो गया। प्रशासन ने भारी वाहन रोके, वैकल्पिक मार्ग से यातायात डायवर्ट करने के निर्देश दिए।
सतना में दस घंटे की तेज बारिश से चार इंच से अधिक पानी बरसा। उमरी, भरहुत नगर, मास्टर प्लान सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया।
चित्रकूट और रामपुर बघेलान में बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। प्रशासन ने फूड शिविरों की जांच तेज की, आश्रम ने शरण दी, संस्था ने 500 पैकेट बांटे।
चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान शुरू किया। दस स्वास्थ्य टीमें और मलेरिया दल घर-घर सर्वे, जांच, दवा वितरण और फॉगिंग करेंगे।
सतना जिला अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन, नवजात देखभाल, हृदय जांच, सोनोग्राफी, एक्स-रे और फिजियोथेरेपी सहित विभिन्न विभागों के लिए 2.64 करोड़ रुपए के उपकरण मांगे हैं, सांसद से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

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