कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी की ओर से पांच राज्यों के लिए छह नामों का एलान किया गया है। लिस्ट में कई बड़े और अनुभवी नाम शामिल हैं। पार्टी ने तेलंगाना से कांग्रेस ने दो नामों की घोषणा की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी को फिर से नामित किया गया है।
By: Arvind Mishra
Mar 05, 20269:45 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी की ओर से पांच राज्यों के लिए छह नामों का एलान किया गया है। लिस्ट में कई बड़े और अनुभवी नाम शामिल हैं। पार्टी ने तेलंगाना से कांग्रेस ने दो नामों की घोषणा की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी को फिर से नामित किया गया है। सिंघवी पहले भी राज्य सभा सदस्य रह चुके हैं। दूसरे उम्मीदवार वेम नरेंद्र रेड्डी हैं। वह सीएम रेवंत रेड्डी के करीबी सलाहकार हैं। उनकी निकटता और राज्य में पार्टी की मजबूती को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। दोनों उम्मीदवार 16 मार्च को होने वाले चुनाव में तेलंगाना की दो सीटों के लिए लड़ेंगे। पार्टी को उम्मीद है कि इन दोनों को आसानी से जीत मिलेगी।
छग से फूलो देवी, हरियाणा करमवीर
छत्तीसगढ़ से फूलो देवी नेताम को उम्मीदवार बनाया गया है। वे पार्टी की अनुभवी नेता हैं और राज्य में आदिवासी समुदाय के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। उनकी उम्मीदवारी से पार्टी आदिवासी वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। हरियाणा से करमवीर सिंह बौद्ध को टिकट दिया गया है। वे दलित समुदाय से आते हैं और राज्य में पार्टी की संगठनात्मक मजबूती के लिए काम कर रहे हैं।

दांव पर 37 सीट
हिमाचल प्रदेश से अनुराग शर्मा को चुना गया है। वे पार्टी के युवा चेहरों में से एक हैं और राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वहीं तमिलनाडु से एम. क्रिस्टोफर तिलक को उम्मीदवार बनाया गया है। वे राज्य में पार्टी के लिए महत्वपूर्ण कार्यकर्ता हैं और दक्षिण भारत में कांग्रेस की उपस्थिति को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम रहेगी। ये चुनाव 16 मार्च को होने हैं और इनमें कई राज्यों की कुल 37 सीटें दांव पर हैं।
सीटें खाली हो जाएंगी
दस राज्यों की 37 सीटों के लिए राज्यसभा का चुनाव 16 मार्च को होने वाला है। इसी दिन शाम पांच बजे वोटों की गिनती होगी। महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना से निर्वाचित 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल महीने में समाप्त हो जाएगा, जिससे नए सदस्यों के चुनाव के लिए सीटें खाली हो जाएंगी।