सरकार के तमाम दावों के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। तेल कंपनियों की रिपोर्ट के अनुसार, स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल ब्रांडों की कीमतों में ?2.09 प्रति लीटर का इजाफा किया गया है।
By: Arvind Mishra
Mar 20, 20262:50 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण युद्ध की तपिश अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब तक पहुँचने लगी है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में आए भूचाल को देखते हुए सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार सुबह प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का बड़ा फैसला लिया है।
तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दामों में ₹2.09 से ₹2.30 प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग ब्रांड्स पर इस प्रकार लागू होगी:
BPCL (भारत पेट्रोलियम): 'स्पीड' (Speed) पेट्रोल महंगा हुआ।
HPCL (हिंदुस्तान पेट्रोलियम): 'पावर' (Power) की कीमतों में उछाल।
IOCL (इंडियन ऑयल): 'XP95' प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़े।
राहत की बात: कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। वे अपने पुराने दामों पर ही बिकते रहेंगे।
भारत के लिए बढ़ा संकट: 'इंडियन बास्केट' $146 पर
वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतों में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। आज ब्रेंट क्रूड 109.54 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जबकि महज एक दिन पहले यह 117.98 डॉलर के खतरनाक स्तर तक पहुँच गया था।
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय 'इंडियन बास्केट' है। इराक, सऊदी अरब, रूस और यूएई जैसे देशों से खरीदे जाने वाले कच्चे तेल का औसत मूल्य (Indian Basket) लगभग दोगुना होकर 146 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया है। भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है, ऐसे में इंडियन बास्केट की ये कीमतें घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती हैं।
दुनिया भर में कच्चे तेल का कारोबार मुख्य रूप से तीन मानकों के आधार पर होता है:
| बेंचमार्क | स्रोत और विशेषता | महत्व |
| ब्रेंट (Brent) | उत्तरी सागर (यूरोप) के समुद्री कुओं से निकलता है। | दुनिया का 2/3 तेल कारोबार इसी भाव पर टिका है। |
| WTI | अमेरिका के जमीनी इलाकों से निकलता है। | यह अपनी शुद्धता (Sweet Crude) के लिए प्रसिद्ध है। |
| OPEC बास्केट | सऊदी, ईरान, इराक जैसे खाड़ी देशों का मिश्रण। | खाड़ी देशों के उत्पादन और कीमतों का मुख्य मानक है। |
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी के पीछे दो मुख्य कारण हैं:
युद्ध और अनिश्चितता: फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में जारी जंग की वजह से तेल टैंकरों की आवाजाही पर खतरा मंडरा रहा है। सप्लाई रुकने की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों को हवा दी है।
बीमा और लॉजिस्टिक्स: युद्ध क्षेत्र से होकर गुजरने वाले तेल जहाजों का इंश्योरेंस और रसद खर्च (Logistics cost) काफी बढ़ गया है, जिसका सीधा असर रिटेल कीमतों पर पड़ रहा है।
प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में हुई यह वृद्धि उन उपभोक्ताओं को सीधे प्रभावित करेगी जो हाई-परफॉर्मेंस कारों और बाइक्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि सामान्य पेट्रोल के दाम अभी स्थिर हैं, लेकिन यदि 'इंडियन बास्केट' लंबे समय तक $140 के ऊपर बना रहता है, तो आने वाले दिनों में सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।
Disclaimer: ईंधन की कीमतें राज्यों के टैक्स (VAT) और स्थानीय शुल्कों के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। ताजा दरों के लिए आधिकारिक तेल कंपनी के ऐप या वेबसाइट का उपयोग करें।