भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वैश्विक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बीच निवेशकों में डर का माहौल है। आज आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा बिकवाली का शिकार हुआ।

शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
सेंसेक्स 500 अंक गिरा और निफ्टी 23700 से फिसला
रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर निचले स्तर पर पहुंचा
मुंबई। स्टार समाचार वेब
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वैश्विक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बीच निवेशकों में डर का माहौल है। आज आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा बिकवाली का शिकार हुआ। टीसीएस और एचसीएल जैसे बड़े शेयरों में तीन प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के साथ युद्धविराम के संकट में होने और समझौते की उम्मीदें धूमिल होने के बाद मंगलवार को शुरूआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 95.63 पर पहुंच गया, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया।
सेंसेक्स-निफ्टी टमाटर जैसे लाल
दरअसल, घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली का सिलसिला जारी है। सोमवार की गिरावट के बाद मंगलवार को भी प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान पर कारोबार करते दिखे। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 525.44 अंक गिरकर 75,489.84 पर आ गया। वहीं निफ्टी 164.5 अंक गिरकर 23,651.35 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में इंफोसिस और एशियन पेंट्स में 3 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में मिला जुला-कारोबार
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 7,725 | -119 | -1.52% |
| निक्केई (जापान) | 62,805 | +388 | +0.62% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 26,489 | +82 | +0.29% |
निवेशकों का भरोसा हुआ कमजोर
पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई। विदेशी फंड्स की लगातार हो रही निकासी और अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता पर छाए संकट ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर कर दिया है।
सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम
आज शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 525.44 अंक गोता लगाकर 75,489.84 के स्तर पर आ गया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 164.5 अंक फिसलकर 23,651.35 पर पहुंच गया।
FII ने7 दिन में 18,724 करोड़ की बिकवाली की
| कैटेगरी | लेटेस्ट | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
| DII | +5,940 | +19,966 | +42,414 |
| FII/FPI | -8,438 | -18,724 | -50,673 |
गिरावट के कारण: ट्रंप का बयान और महंगा क्रूड
कच्चे तेल में उबाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड आॅयल (कच्चा तेल) 0.93 प्रतिशत की उछाल के साथ 105.2 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
ट्रंप ने ठुकराया प्रस्ताव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को कचरा बताते हुए खारिज कर दिया है। ट्रंप ने कहा है कि युद्धविराम अपने सबसे कमजोर स्तर पर है और अब यह लाइफ सपोर्ट पर है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार पर दबाव बढ़ाते हुए सोमवार को 8,437.56 करोड़ रुपये के शेयरों की भारी बिकवाली की है।
सेक्टोरल असर: टेक शेयरों में ज्यादा नुकसान
सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से सबसे ज्यादा गिरावट आईटी और वित्तीय शेयरों में देखी गई। टीसीएस, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, अदाणी पोर्ट्स और बजाज फिनसर्व सबसे बड़े लूजर्स रहे। दूसरी तरफ, इस चौतरफा गिरावट के बीच भारती एयरटेल और एनटीपीसी के शेयरों ने बढ़त हासिल कर निवेशकों को मामूली राहत दी।
अमेरिकी बाजार में कल तेजी रही थी
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 49,704 | +95 | +0.19% |
| नैस्डैक | 26,274 | +27 | +0.10% |
| S&P 500 | 7,413 | +14 | +0.19% |
वैश्विक बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और शंघाई का कंपोजिट इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसके विपरीत, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स बढ़त में रहे। अमेरिकी बाजार सोमवार को सकारात्मक दायरे में बंद हुए थे।


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