नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार भारत में महिला कर्जदारों का ऋण 76 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। जानिए कैसे महिलाएं बैंकिंग और कमर्शियल लोन में आगे बढ़ रही हैं।

महिला कर्जदारोंश् के ऋण में अभूतपूर्व उछाल
2025 तक आंकड़ा 76 लाख करोड़ पहुंचा
2017 में केवल 16 लाख करोड़ रुपए था
बिजनेस डेस्क। स्टार समाचार वेब
नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में महिला कर्जदारों के कुल ऋण (Credit) में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। दिसंबर 2025 तक यह आंकड़ा 76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो देश के कुल प्रणालीगत ऋण का 26% हिस्सा है। साल 2017 में यह केवल 16 लाख करोड़ रुपये था, जिसका अर्थ है कि पिछले कुछ वर्षों में इसमें लगभग पांच गुना की बढ़ोतरी हुई है।
ऋण पहुंच और वार्षिक वृद्धि दर (CAGR)
रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 से 2025 के बीच ऋण लेने वाली सक्रिय महिला कर्जदारों की संख्या में 9% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई। इसी दौरान महिलाओं की ऋण तक पहुंच 19% से बढ़कर 36% हो गई है। भारत में वर्तमान में लगभग 45 करोड़ ऋण-योग्य महिलाएं हैं, जो भविष्य में इस क्षेत्र में विस्तार की असीम संभावनाओं को दर्शाती हैं।
वाणिज्यिक और कारोबारी ऋण में तेज प्रगति
इस वृद्धि का सबसे बड़ा कारण वाणिज्यिक ऋण (Commercial Loans) क्षेत्र है। 2022 से 2025 के बीच महिला उद्यमियों को दिए गए ऋणों में 31% की वृद्धि हुई है, जो कुल वाणिज्यिक ऋण की तुलना में कहीं अधिक है। नीति आयोग की सीईओ निधि छिब्बर के अनुसार, आर्थिक विकास की गति तभी बढ़ती है जब बाजार में भागीदारी व्यापक और कुशल हो।
माइक्रोफाइनेंस से व्यक्तिगत और आवास ऋण की ओर
भारतीय महिलाएं अब केवल माइक्रोफाइनेंस (MFI) तक सीमित नहीं हैं। लगभग 19% सक्रिय सूक्ष्म वित्त कर्जदार अब व्यक्तिगत और वाणिज्यिक ऋण की ओर रुख कर रहे हैं। वर्तमान में पर्सनल लोन और गोल्ड लोन महिलाओं के बीच सबसे लोकप्रिय उत्पाद हैं। साथ ही, होम लोन में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि महिलाओं के बीच संपत्ति के स्वामित्व (Property Ownership) के प्रति जागरूकता और क्षमता बढ़ी है।
डिजिटलीकरण और भौगोलिक विस्तार का प्रभाव
ऋण का यह विस्तार केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। दक्षिण और पश्चिम भारत के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी महिलाओं की ऋण पहुंच बढ़ी है। भुगतान, पहचान और क्रेडिट मूल्यांकन की डिजिटल प्रक्रियाओं ने बाधाओं को कम किया है, जिससे महिलाएं अब अनौपचारिक साहूकारों के बजाय औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़ रही हैं।
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हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन आज घरेलू शेयर बाजार लाल निशान पर खुला। एक तरफ सेंसेक्स गिरावट के साथ खुला। वहीं, निफ्टी ने भी नुकसान के साथ कारोबार की शुरुआत की। यही नहीं, कोल इंडिया, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
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भारतीय शेयर बाजार में कल के बाद आज भी तेजी देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले बुधवार को सेंसेक्स 940.73 अंक (1.22 प्रतिशत) की बड़ी छलांग के साथ 77,958.52 पर और निफ्टी 298.15 अंक (1.24 प्रतिशत) उछलकर 24,330.95 पर बंद हुआ था।
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आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शानदार बढ़त के साथ हुई। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे मजबूत संकेतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी दोनों उछले। वहीं रुपया सर्वकालिक निचले स्तर से उबरते हुए शुरूआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 19 पैसे बढ़कर 94.99 पर पहुंच गया।
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