एक दशक की प्रशासनिक सेवा छोड़ चुकीं पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल अब राजनीति के मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। उनके ताजा वीडियो संदेश ने संकेत दिए हैं कि वह किसी स्थापित राजनीतिक दल का हिस्सा बनने के बजाय अपनी अलग राजनीतिक राह बनाने का फैसला किया है।

उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा अकेले शुरू करेंगी
लखनऊ। स्टार समाचार वेब
एक दशक की प्रशासनिक सेवा छोड़ चुकीं पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल अब राजनीति के मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। उनके ताजा वीडियो संदेश ने संकेत दिए हैं कि वह किसी स्थापित राजनीतिक दल का हिस्सा बनने के बजाय अपनी अलग राजनीतिक राह बनाने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश से इस नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगी। दिव्या मित्तल ने कुछ दिन पहले आईएएस सेवा से त्यागपत्र देकर यह सवाल छोड़ दिया था कि आखिर प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद उनका अगला कदम क्या होगा। अब उन्होंने खुद सामने आकर लोगों से संवाद शुरू किया है। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को लगे कि यह उनकी भी आवाज है तो वे दिए गए वाट्सएप नंबर (9198956957) पर संदेश भेज सकते हैं।

यूपी की राजनीति में लेंगी एंट्री
29 सितंबर को उनके अगले कदम के एलान का इंतजार था। उन्होंने मंगलवार को अलग राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की। यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अलग प्रयोग होगा। खासकर ऐसे समय में जब 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं, किसी पूर्व नौकरशाह का सीधे राजनीतिक संगठन खड़ा करने की दिशा में बढ़ना अपने आप में चर्चा का विषय बनेगा।
जनता से वाट्सएप पर जुड़ने का आह्वान
दिव्या मित्तल का ताजा संदेश सिर्फ घोषणा तक सीमित नहीं है। उन्होंने लोगों से वाट्सएप पर जुड़ने की अपील की है। इससे संकेत मिलता है कि उनकी रणनीति में शुरूआती दौर में प्रत्यक्ष जनसंवाद और डिजिटल माध्यम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि पर पहले से मौजूद पहचान को देखते हुए यह प्रयोग राजनीतिक दलों से अलग तरह का मॉडल पेश कर सकता है।
प्रशासनिक सेवा के बाद नई पारी
2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने गत 30 अगस्त को प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने की घोषणा की थी, जिसे 15 सितंबर 2026 को शासन द्वारा स्वीकार कर लिया गया। इसके साथ ही उनके लगभग 13 वर्षों के प्रशासनिक सफर का समापन हो गया।
लहुरियादह गांव में पहुंचाया था पानी
आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई करने वाली दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा में आने से पहले विदेश में भी काम किया था। यूपी में वह संत कबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया समेत कई जिलों की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। मिर्जापुर के लहुरियादह गांव में पाइप से पानी पहुंचाने की पहल से उन्हें विशेष पहचान मिली।
इन पदों पर रह चुकीं कार्यरत
अपने कार्यकाल के दौरान वे मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट, गौतमबुद्ध नगर में सीडीओ, कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक तथा बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष रहीं। इसके बाद उन्होंने संतकबीरनगर और मिर्जापुर में जिलाधिकारी के रूप में सफल कार्य किया।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय ने राज्य के पूर्व पर्यटन मंत्री और प्रसिद्ध गायक-नेता इंद्रनील सेन से जुड़े परिसरों पर छापामार कार्रवाई की। ईडी की टीमों ने पूरे शहर में एक साथ कार्रवाई करते हुए कुल 15 परिसरों और 10 प्रमुख ठिकानों की गहन तलाशी ली।
गुजरात की अहमदाबाद सिटी सिविल कोर्ट ने पारिवारिक विवाद और संपत्ति के अधिकार से जुड़े एक महत्वपूर्ण केस में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सास-ससुर की स्व-अर्जित संपत्ति को बहू के लिए साझा घर नहीं माना जा सकता।
न्याय के इतिहास में संवेदनशीलता और मानवीय चेतना की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। दिल्ली की ट्रायल कोर्ट की विशेष जज रजनी रंगा ने 10 साल की यौन शोषण पीड़िता बच्ची के केस में फैसला सुनाने के बाद उसके नाम एक बेहद भावुक और खास पत्र लिखा।
एक दशक की प्रशासनिक सेवा छोड़ चुकीं पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल अब राजनीति के मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। उनके ताजा वीडियो संदेश ने संकेत दिए हैं कि वह किसी स्थापित राजनीतिक दल का हिस्सा बनने के बजाय अपनी अलग राजनीतिक राह बनाने का फैसला किया है।
आगामी त्योहारों और शादियों के सीजन की तैयारी कर रहे आम परिवारों के लिए बाजार से एक बेहद राहत भरी खबर आई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, आज यानी सोमवार को सोने और चांदी दोनों के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर (MDR) शुल्क लगाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई।
TRAI के नए टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशन, 2026 से प्रीपेड यूजर्स को बड़ी राहत मिली है। अब 28 की जगह 30 दिन की वैलिडिटी वाले प्लान्स मिलेंगे। जानिए राघव चड्ढा की इस पर क्या प्रतिक्रिया है।
देश में वर्ष 2022 से 2026 के बीच चुनाव जीतने के बाद 111 सांसदों और विधायकों ने अपनी राजनीतिक पार्टी बदली है। इनमें 26 लोकसभा सांसद, 7 राज्यसभा सांसद और 78 विधायक शामिल हैं। चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाली संस्था एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच की नवीनतम रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
केरलम के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर एक बड़ा दावा किया है। थॉमसन का कहना है कि जब ज्ञानेश कुमार आईएएस अधिकारी थे, तब उन्होंने उन्हें भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था।
उत्तर और मध्य भारत में मौसम के बिगड़े मिजाज और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से केदारनाथ यात्रा रोकनी पड़ी है। वहीं उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बिहार में कोसी और गंडक नदियों के उफान से बाढ़ के हालात गंभीर बने हुए हैं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह