पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय ने राज्य के पूर्व पर्यटन मंत्री और प्रसिद्ध गायक-नेता इंद्रनील सेन से जुड़े परिसरों पर छापामार कार्रवाई की। ईडी की टीमों ने पूरे शहर में एक साथ कार्रवाई करते हुए कुल 15 परिसरों और 10 प्रमुख ठिकानों की गहन तलाशी ली।
एक दशक की प्रशासनिक सेवा छोड़ चुकीं पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल अब राजनीति के मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। उनके ताजा वीडियो संदेश ने संकेत दिए हैं कि वह किसी स्थापित राजनीतिक दल का हिस्सा बनने के बजाय अपनी अलग राजनीतिक राह बनाने का फैसला किया है।
मध्यप्रदेश में इस महीने दो बड़ी राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलेंगी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित छात्रों की गूंज कार्यक्रम से ठीक पहले, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 17 सितंबर को मध्यप्रदेश आ रहे हैं।
राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में 14 रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टियों (आरयूपीपी) ने 20 हजार से ज्यादा के कुल 682.28 करोड़ रुपए के चंदे की जानकारी दी है।
वंदे मातरम को लेकर देश में गरमाई राजनीति के बीच इंदौर पहुंचे केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कड़ा रुख अपनाया है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रगान, वंदे मातरम और देश के राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सितंबर में देश के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही हैं। वह सितंबर में 1946 के बाद से इटली में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाली प्रधानमंत्री बनने वाली हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज कहा-कांग्रेस का वंदे मातरम पूरा न गाना तुष्टीकरण की राजनीति और राष्ट्रविरोधी फैसला है। 1937 में कांग्रेस ने फैसला लिया था, उसे पीएम मोदी ने सुधारा है। कांग्रेस ने 1937 में राष्ट्रगीत के दो टुकड़े कर मुस्लिम तुष्टीकरण किया था।
मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के बीच दतिया की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रहे वरिष्ठ नेता अवधेश नायक से मिलने खुद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी उनके घर पहुंच गए। बीती देर रात हुई इस मुलाकात ने दतिया के सियासत में सुगबुगाहट तेज कर दी है।
मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल में आज सीएम डॉ. मोहन यादव कालापीपल पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री का भव्य रोड शो शुरू हुआ। वहीं कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने 30 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण -भूमिपूजन किया।
सत्ता के शिखर पर दिखाई देने वाला चेहरा भले एक हो, पर उसकी सफलता के पीछे कई लोग होते हैं। किसी भी मुख्यमंत्री की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उनकी कोर टीम कितनी मजबूत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शुरुआती दौर में एक चौंकाने वाला चेहरा ‘सरप्राइज चॉइस’ के रूप में देखा गया, लेकिन बीते ढाई सालों में उन्होंने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर अपनी पकड़ मजबूत की है, बल्कि भाजपा संगठन के साथ भी बेहतरीन तालमेल बिठाया है।






















