उचेहरा के बरुआ नदी पुराने पुल से डिलीवरी केस लेने जा रही एंबुलेंस नदी में गिर गई। चालक समेत दो लोग घायल हुए। लगातार तीसरे बड़े हादसे के बाद पुल की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार एजेंसियों पर सवाल उठे।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
उचेहरा बरुआ नदी का पुराना पुल एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। गुरुवार की तड़के डिलीवरी केस लेने जा रही एक एंबुलेंस अनियंत्रित होकर पुल से नीचे नदी में जा गिरी। हादसे में चालक समेत दो लोग घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि समय रहते दोनों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन लगातार हो रहे हादसों के बावजूद पुल पर सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
डेढ़ घंटे चला रेस्क्यू, क्रेन से निकाली गई एंबुलेंस
जानकारी के अनुसार, उचेहरा निवासी एंबुलेंस चालक शुभम परौहा एंबुलेंस से भटगवां गांव डिलीवरी केस लेने जा रहे थे। तड़के बरुआ नदी के पुराने पुल पर अचानक एंबुलेंस अनियंत्रित होकर सीधे नदी में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही उचेहरा थाना पुलिस और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। करीब डेढ़ घंटे तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त एंबुलेंस को नदी से बाहर निकाला गया। हादसे में चालक सहित दो लोग घायल हुए हैं। दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उचेहरा पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है, चिकित्सकों ने दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई है।
जताई गई ब्रेक फेल होने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एंबुलेंस के ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। चालक के बयान और वाहन की तकनीकी जांच के बाद दुर्घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
तीसरी बड़ी दुर्घटना, फिर भी नहीं जागे जिम्मेदार
बरुआ नदी का यह पुराना पुल लगातार दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। इससे पहले इसी पुल से उचेहरा अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शशांक सेठिया की कार नदी में गिर गई थी, जिसमें उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके बाद एक बाइक सवार युवक भी इसी स्थान पर हादसे का शिकार हुआ। अब एंबुलेंस दुर्घटना ने एक बार फिर पुल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर न तो मजबूत सुरक्षा रेलिंग है और ना ही कही पर पर्याप्त चेतावनी संकेत। लोगों का यह भी आरोप है कि समीप ही इचौल के पास एमपीआरडीसी विभाग इस मार्ग पर टोल वसूल रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।


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