गुढ़ के भैरव बाबा मोड़ पर लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए एसडीएम ने सुरक्षा इंतजामों की पहल की। दोनों ओर स्पीड ब्रेकर, ब्लिंकिंग लाइट, सोलर लाइट, बेरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
सीधी के शिकारगंज-भंवरसेन मार्ग पर लगातार बारिश से सड़क किनारे मिट्टी का कटाव बढ़ गया है। कई जगह आधार कमजोर हो चुका है। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच हादसे की आशंका बढ़ी, सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं।
मैहर जिले में उफनते बरसाती नाले का रपटा पार करने की कोशिश में बाइक समेत युवक और उसके दो भांजे बह गए। करीब 20 घंटे चले रेस्क्यू के बाद तीनों के शव बरामद हुए।
सुप्रीम कोर्ट रोड सेफ्टी कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने सतना में सड़क सुरक्षा समीक्षा कर हेलमेट, सीट बेल्ट, नो हेलमेट-नो एंट्री और जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
उचेहरा के बरुआ नदी पुराने पुल से डिलीवरी केस लेने जा रही एंबुलेंस नदी में गिर गई। चालक समेत दो लोग घायल हुए। लगातार तीसरे बड़े हादसे के बाद पुल की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार एजेंसियों पर सवाल उठे।
सतना-सेमरिया मार्ग पर पांच करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद मरम्मत अधूरी है। बरसात में गड्ढों से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की।
मैहर के रिगरा के पास हुए भीषण सड़क हादसे में पांच युवकों की मौत के बाद तनाजा और नरौरा गांव शोक में डूब गए। चार अर्थियां एक साथ उठीं, जबकि एक घायल का इलाज जबलपुर में जारी है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एंबुलेंस की देरी पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने ओला-उबर की तरह एंबुलेंस की रियल टाइम उपलब्धता और हाईवे के 300 अवैध कट हटाने पर जवाब मांगा है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 30 दिनों के भीतर सभी आरटीओ चेक पोस्ट फिर से खोलने का आदेश दिया है। ओवरलोडिंग और सड़क हादसों को रोकने के लिए जस्टिस विशाल मिश्रा ने यह बड़ा फैसला सुनाया
रीवा शहर में ट्रैफिक सिग्नलों की अनदेखी आम बात हो गई है। ढेकहा, सिरमौर, मार्तण्ड और कॉलेज चौराहे पर लगे सिग्नलों को करीब 80 प्रतिशत वाहन चालक जंप कर रहे हैं। ऑनलाइन चालानी कार्रवाई बंद होने से ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।






















