भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती-2025 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर आमरण अनशन जारी है। वहीं, सरकारी स्कूल बंद करने के विरोध में स्कूल बचाओ आंदोलन भी शुरू हो गया है।

फोटो- स्टार समाचार
राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में इन दिनों दो महत्वपूर्ण शिक्षा से जुड़े आंदोलन एक साथ चल रहे हैं, जिससे सियासत और प्रशासनिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है। एक तरफ जहां शिक्षक भर्ती-2025 के अभ्यर्थी पदों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर हैं, वहीं दूसरी तरफ 'स्कूल बचाओ संघर्ष समिति' सरकारी स्कूलों को बंद या मर्ज किए जाने के खिलाफ सड़कों पर उतरी है।

शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर ब्यावरा के रहने वाले नरेंद्र राजपूत ने मोर्चा संभाल रखा है। वे 21 अगस्त की रात 12 बजे से अन्न और जल का त्याग कर आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि वे अपने और अन्य साथियों के भविष्य के लिए यह लड़ाई लड़ रहे हैं, जो वर्षों से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे थे।
प्रमुख मांगें: अभ्यर्थियों की मांग है कि वर्ग-2 में प्रत्येक विषय के लिए 3 हजार पद और वर्ग-3 के लिए कुल 25 हजार पद बढ़ाए जाएं। साथ ही, इन बढ़े हुए पदों पर दूसरी काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाए।
परेशानियों के बीच डटे अभ्यर्थी: इंदौर की दीप्ति सिंह ठाकुर अपनी 5 और 8 साल की बेटियों के साथ धरना स्थल पर मौजूद हैं। वहीं, सरोज कुशवाहा भी अपने छोटे बेटे के साथ इस आंदोलन का हिस्सा बनी हुई हैं। उनका कहना है कि नीलम पार्क में मच्छरों, पानी, वॉशरूम और जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे के बावजूद उनका संघर्ष जारी रहेगा।

नीलम पार्क में ही 'मध्यप्रदेश स्कूल बचाओ संघर्ष समिति' के बैनर तले छात्र, शिक्षक और अभिभावक भी प्रदर्शन कर रहे हैं। समिति के संयोजक मुदित भटनागर ने बताया कि राज्य में साल 2016 के मुकाबले सरकारी स्कूलों की संख्या 1.21 लाख से घटकर अब लगभग 90 हजार ही रह गई है।
मुख्य आपत्तियां: समिति का विरोध 'एक शाला-एक परिसर', सीएम राइज और अन्य योजनाओं के नाम पर सरकारी स्कूलों को बंद करने या उनका मर्जर करने के खिलाफ है।
सुविधाओं की मांग: वक्ताओं ने मांग की है कि चुनिंदा स्कूलों को मॉडल बनाने के बजाय सभी सरकारी स्कूलों में भवन, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं दी जाएं और पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
इस बीच, प्रशासनिक स्तर पर हलचल भी शुरू हो गई है। धरना स्थल पर पहुंची तहसीलदार प्रीति चौरसिया ने कहा कि अनशनकारी की स्थिति फिलहाल ठीक है और अभ्यर्थियों की इन सभी मांगों को शासन स्तर तक पहुँचा दिया जाएगा।
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भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती-2025 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर आमरण अनशन जारी है। वहीं, सरकारी स्कूल बंद करने के विरोध में स्कूल बचाओ आंदोलन भी शुरू हो गया है।
मध्यप्रदेश में सरकारी खजाने में सेंधमारी का एक बेहद संगीन और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ओर राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन लागू करने के लिए मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों की विदेश यात्राओं तथा महंगे होटलों के आयोजनों पर सख्ती से रोक लगा रही है।
मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने के नाम पर रियायती दरों पर आवंटित सरकारी जमीन का व्यावसायिक उपयोग करने वालों पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग ने शिकंजा कस दिया है। वहीं लीज शर्तों के उल्लंघन के मामलों में उज्जैन और खरगोन जिले सबसे आगे रहे हैं। दोनों जिलों में 235 उद्योगों को लीज निरस्त करने के नोटिस दिए गए।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी में बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित करते हुए किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए। अब किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अग्रिम खाद, ऋण चुकाने की नई सुविधा और दिन में बिजली मिलेगी।
इंदौर में स्वाइन फ्लू (H1N1) का दूसरा मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। उज्जैन की महिला की मौत के बाद अब नए मरीज का निजी अस्पताल में इलाज जारी है। जानें इसके लक्षण और बचाव।
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मध्यप्रदेश के बैतूल-मुलताई फोरलेन पर आज यानी शनिवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जीतू ढाबे के पास तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से जा घुसी। भीषण टक्कर में कार में सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

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