बिग बॉस 19 की फरहाना भट्ट ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत पर दुख जताते हुए उन्हें मसीहा कहा। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोग भड़क उठे हैं। देखें पूरी रिपोर्ट।
By: Star News
Mar 02, 20265:06 PM
कश्मीर। स्टार समाचार वेब
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग और 28 फरवरी को अमेरिकी स्ट्राइक में ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत ने पूरी दुनिया को दो धड़ों में बांट दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर जब बिग बॉस 19 फेम फरहाना भट्ट की राय सामने आई, तो उनके शब्दों ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी। फरहाना ने न केवल खामेनेई की मौत पर शोक जताया, बल्कि उन्हें एक 'मसीहा' और 'कभी न भुलाई जाने वाली शख्सियत' करार दिया।
एक मीडिया पोर्टल से बातचीत के दौरान फरहाना भट्ट काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत की खबर सुनकर उनका दिल दहल गया है। फरहाना ने कहा -
"वह एक ऐसी शख्सियत हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। वह हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे और अल्लाह उनकी शहादत को कबूल फरमाएगा। कश्मीर के लोग इस खबर से बहुत दुखी हैं। यकीन मानिए, सेहरी के बाद से मैं सो नहीं पाई हूं। नमाज के वक्त मुझे बहुत दुख हुआ क्योंकि ऐसा नहीं होना चाहिए था। बहुत से लोगों के लिए वह एक मसीहा थे।"
फरहाना का यह वीडियो वायरल होते ही इंटरनेट यूजर्स ने उन्हें निशाने पर ले लिया। जहां एक तरफ ईरान के भीतर ही एक वर्ग खामेनेई के शासन के अंत पर जश्न मना रहा है, वहीं फरहाना द्वारा उन्हें 'मसीहा' कहना लोगों को रास नहीं आया। ट्रोलर्स ने उन्हें 'जाहिल' तक कह डाला और देश के प्रति उनकी संवेदनशीलता पर सवाल उठाए। आलोचकों का तर्क है कि एक कट्टरपंथी नेता के प्रति इस तरह की सहानुभूति दिखाना अनुचित है, खासकर तब जब वैश्विक राजनीति में स्थितियां इतनी जटिल हों।
28 फरवरी 2026 को अमेरिकी एयरस्ट्राइक में अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कुछ सदस्यों की मौत की पुष्टि हुई थी। इस हमले के बाद ईरान में सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। भारत के भी कुछ हिस्सों, विशेषकर कश्मीर में, इस मौत के विरोध में प्रदर्शन देखे गए, जबकि बॉलीवुड और अन्य क्षेत्रों के कई लोगों ने इसे आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी जीत बताया है।