हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय हॉकी टीम की नीली जर्सी को नारंगी करने पर विवाद। विरेन रास्किन्हा और प्रियंका गांधी ने जताई नाराजगी, जबकि हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने किया बचाव।

स्पोर्ट्स डेस्क। स्टार समाचार वेब
आगामी हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दशकों तक पारंपरिक नीले (Blue) रंग की जर्सी में मैदान पर उतरने वाली भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अब आगामी विश्व कप में नारंगी (Orange) रंग की नई किट में नजर आएंगी। हॉकी इंडिया द्वारा 27 जुलाई को लॉन्च की गई इस नई जर्सी के रंग को लेकर खेल जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जहां एक तरफ इसे बदलने पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसका बचाव भी किया जा रहा है।
भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान विरेन रास्किन्हा ने जर्सी का रंग बदलने के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। एथेंस ओलंपिक 2004, 2006 वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंटों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके रास्किन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नीले रंग की जर्सी भारतीय हॉकी की लंबे समय से पहचान रही है और बिना किसी ठोस तर्क के इस एतिहासिक रंग को अचानक बदल देना पूरी तरह से समझ से परे है।
विवाद बढ़ता देख हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व दिग्गज खिलाड़ी दिलीप कुमार टिर्की ने इस फैसले का खुलकर बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जर्सी के रंग बदलने का यह निर्णय किसी दबाव में नहीं, बल्कि खुद खिलाड़ियों, टीम के कप्तानों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ की आपसी पसंद और सुझावों के आधार पर लिया गया है। इसके साथ ही टिर्की ने यह भी कहा कि अगर वर्ल्ड कप के बाद खिलाड़ियों को यह नारंगी जर्सी पसंद नहीं आती है, तो भविष्य में इसमें फिर से बदलाव किया जा सकता है।
इस विवाद में अब राजनीतिक हस्तियां भी कूद पड़ी हैं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से बदलकर नारंगी किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की असल पहचान और संस्कृति अहिंसा, सत्य और भाईचारे जैसे महान मूल्यों से जुड़ी हुई है, और इन बुनियादी प्रतीकों को इस तरह से बदला जाना उचित नहीं है।
एफआईएच (FIH) मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का यह 16वां संस्करण होगा, जिसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन द्वारा 14 से 30 अगस्त 2026 तक बेल्जियम के वावरे और नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन में किया जाएगा। भारत ने अपना इकलौता और आखिरी हॉकी विश्व कप खिताब साल 1975 में अपने नाम किया था। ऐसे में, जर्सी के रंग को लेकर चल रहे तमाम विवादों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय टीम करीब 50 साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर वर्ल्ड चैंपियन बनने का अपना पुराना सपना पूरा करने के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी।

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भारत के अनुभवी बल्लेबाज और 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। वह अब इंडियन प्रीमियर लीग में भी खेलते नहीं दिखाई देंगे।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में 122 भारतीय एथलीट मेडल जीतने के इरादे से उतरे हैं। भारत 8 सामान्य खेलों में पदक की चुनौती पेश कर रहा है। इतना ही नहीं, भारतीय खिलाड़ी 5 पैरा स्पर्धाओं में भी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा तैराकी, पैरा ट्रैक साइकिलिंग और व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल हैं।
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वहीं सारांश जैन को भी पहली बार टेस्ट टीम में मौका मिला है। मध्य प्रदेश से आने वाले इस आलराउंडर ने लगातार प्रभावित किया है। उनको सुंदर की जगह टीम में जगह मिली है। सारांश आफ स्पिनर हैं और बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं।
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