भारतीय रेलवे ने टिकट रिफंड नियमों को सख्त किया। अब ट्रेन प्रस्थान से 8 घंटे पहले टिकट रद्द करना अनिवार्य। जानें अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित बोर्डिंग स्टेशन और रिफंड के नए नियम
By: Ajay Tiwari
Mar 24, 20266:26 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन की व्यवस्था में बड़े बदलावों की घोषणा की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को साफ किया कि अब यात्रियों को टिकट रिफंड पाने के लिए और अधिक सतर्क रहना होगा। नए नियमों के अनुसार, टिकट कैंसिल करने की समय सीमा को बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया गया है। ये बदलाव 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू कर दिए जाएंगे।
रेलवे के नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई यात्री अपनी ट्रेन के निर्धारित समय से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट रद्द करता है, तो उसे एक भी रुपया वापस नहीं मिलेगा (Zero Refund)।
पुराना नियम: पहले ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक 50% रिफंड की सुविधा मिलती थी।
नया नियम: अब रिफंड के लिए कम से कम 8 घंटे पहले कैंसिलेशन जरूरी है।
50% रिफंड: यदि आप ट्रेन छूटने से 24 घंटे से लेकर 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको अभी भी 50% राशि वापस मिलेगी।
उदाहरण के लिए: यदि आपकी ट्रेन शाम 6 बजे की है, तो रिफंड पाने के लिए आपको हर हाल में सुबह 10 बजे से पहले टिकट कैंसिल करना होगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह सख्त कदम टिकटों की 'जमाखोरी' (Cornering) रोकने के लिए उठाया गया है। अक्सर दलाल बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और ग्राहक न मिलने पर अंतिम समय (4 घंटे पहले) टिकट कैंसिल कर आधा पैसा बचा लेते थे। अब 8 घंटे की सीमा होने से दलालों के लिए रिफंड लेना मुश्किल होगा, जिससे आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने एक बड़ी राहत भी दी है। अब यात्री ट्रेन के शेड्यूल प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे।
अभी तक यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले उपलब्ध थी।
यह सुविधा उन शहरों में वरदान साबित होगी जहाँ एक से अधिक रेलवे स्टेशन हैं।
सावधानी: एक बार बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद आप पुराने स्टेशन से यात्रा नहीं कर पाएंगे।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कुछ पुराने नियम जारी रहेंगे:
ट्रेन देरी: यदि ट्रेन अपने तय समय से 3 घंटे से ज्यादा लेट होती है, तो यात्री TDR फाइल कर पूरा पैसा वापस ले सकते हैं।
ट्रेन कैंसिलेशन: यदि रेलवे खुद ट्रेन रद्द करता है, तो पूरा रिफंड मिलेगा।
वेटिंग टिकट: चार्ट बनने के बाद भी अगर टिकट पूरी तरह वेटिंग लिस्ट में रहता है, तो वह स्वतः कैंसिल हो जाएगा और पूरा पैसा रिफंड होगा।