ईरान के स्पीकर कालीबाफ ने अमेरिका के साथ युद्धविराम को ठुकराया। जानें क्यों रद्द हुई 20 हजार उड़ानें और होर्मुज में जहाजों की जब्ती से उपजे संकट की पूरी कहानी।

ईरान। स्टार समाचार वेब
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा कूटनीतिक और सैन्य तनाव एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलहाल किसी भी तरह के युद्धविराम (Ceasefire) को स्वीकार नहीं करेगा। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालीबाफ के अनुसार, शांति की दिशा में कोई भी कदम तब तक नहीं उठाया जाएगा जब तक कि ईरान पर लगी आर्थिक और व्यापारिक नाकेबंदी पूरी तरह से नहीं हटाई जाती।
ईरान और अमेरिका के बीच पिछला युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त हो गया था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एकतरफा रूप से आगे बढ़ा दिया है। ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि शुक्रवार तक शांति वार्ता के दूसरे दौर को लेकर कोई सकारात्मक खबर आ सकती है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन ईरान के साथ बातचीत के टेबल पर लौटने की कोशिशों में जुटा है।
भले ही पाकिस्तान ने अगले 36 से 72 घंटों में नई बातचीत शुरू होने की संभावना जताई हो, लेकिन ईरान अभी भी असमंजस में है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि उनका देश बातचीत के लिए खुला है, लेकिन धमकियों और आक्रामक रवैये के बीच सार्थक संवाद संभव नहीं है। उनका मानना है कि विरोधी पक्ष दबाव बनाकर बातचीत की प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं।
पिछले 24 घंटों की युद्ध क्षेत्र की बात करे तो रूसी तेल पर पाबंदी में ढील की खबर आई है। अमेरिका ने करीब 10 देशों की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए रूसी तेल की खरीद पर दी गई छूट को 30 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। ईरान की 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दो विदेशी जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे वैश्विक व्यापार मार्ग पर तनाव बढ़ गया है। युद्ध और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण यूरोप की दिग्गज एयरलाइन 'लुफ्थांसा' ने अपनी 20 हजार उड़ानें रद्द करने की घोषणा की है। सीजफायर पर मतभेद सामने आए है। जहाँ ट्रम्प प्रशासन ने पाकिस्तान की अपील पर युद्धविराम को आगे बढ़ाया है, वहीं ईरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। वहीं तेहरान की सड़कों पर सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के बैनर दिखाई दे रहे हैं, जो ईरान के सख्त रुख और घरेलू एकजुटता का संकेत दे रहे हैं।

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रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन मॉस्को पर सैकड़ों ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रपति पुतिन के लिए यह चुनाव यूक्रेन युद्ध की नीतियों की अग्निपरीक्षा माना जा रहा है।
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की बहन अलीमा खानुम को लाहौर से गिरफ्तार कर लिया गया है। 27 सितंबर को होने वाले PTI प्रदर्शन से पहले पुलिस की इस कार्रवाई और ताजा हालात की पूरी जानकारी पढ़ें।
मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव गहराता दिख रहा है। बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिका ने क्षेत्र में स्थित अपने दूतावासों और नागरिकों के लिए हाई सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां में जुमे की नमाज के दौरान पुलिस लाइन के पास मस्जिद में जोरदार धमाका। आत्मघाती हमले में 15 लोगों की मौत और 30 घायल।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की आगामी उच्च स्तरीय बैठक से पहले अमेरिका ने फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास को न्यूयॉर्क आने के लिए वीजा देने से इंकार कर दिया है। अमेरिका के इस फैसले के बाद महासभा में एक विशेष प्रस्ताव लाया गया, ताकि राष्ट्रपति अब्बास वीडियो लिंक के जरिए बैठक को संबोधित कर सकें।
अमेरिका और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच कथित सीक्रेट डील की पूरी जानकारी। जानें कैसे इस समझौते से लाल सागर में अमेरिकी जहाजों को सुरक्षा मिली है और सऊदी अरब के सामने नई सामरिक चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं।
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस आफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस कानून का आधिकारिक नाम लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट आफ 2026 रखा गया है।
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे एक ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।
ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। मशहद से केरमानशाह के लिए उड़ान भरते ही सेफरान एयरलाइंस के बोइंग 737 विमान का हवा में टायर फट गया। प्लेन के अंदर सामान इधर-उधर बिखर गया और यात्री घबराकर चीखने व प्रार्थना करने लगे।